
हनुमानगढ़। आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने खुद को प्रदेश में तीसरे मजबूत विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने का दावा किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि आमजन भाजपा और कांग्रेस की नीतियों से त्रस्त है और अब प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है। आरएलपी आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी तथा संगठन को जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक सशक्त किया जाएगा।
शनिवार को हनुमानगढ़ में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में आरएलपी के प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व मंत्री दिलीप चौधरी (जैतारण) ने कहा कि सरकार पंचायत और निकाय चुनाव कराने से डर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का रुझान अब आरएलपी की ओर बढ़ रहा है और इसी कारण चुनाव टाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2028 का चुनाव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है, जिसे हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में पूरे राजस्थान में मजबूती से लड़ा जाएगा। पार्टी प्रदेश की 36 कौमों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
दिलीप चौधरी ने कहा कि पंचायती राज और निकाय चुनाव से पहले संगठन का व्यापक विस्तार किया जाएगा। जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर नई टीमों का गठन कर अभियान चलाया जाएगा तथा नए सदस्यों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर बॉर्डर के जिले हैं, यहां संगठन मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश प्रभारी के रूप में वे दोनों जिलों में लगातार कार्यकर्ता बैठकों का आयोजन कर रहे हैं।
बाड़मेर में हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आरएलपी के संघर्ष के कारण 261 करोड़ रुपये का किसान बीमा क्लेम किसानों के खातों में दिलवाया गया और सरकार को झुकने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को नकली खाद-बीज दिया जा रहा है तथा यूरिया-डीएपी में कमीशनखोरी चल रही है। फसल बीमा क्लेम समय पर दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर हनुमानगढ़ में भी जल्द बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में आरोप लगाया गया कि एसआईआर प्रक्रिया में जीवित लोगों को मृत घोषित करने की कोशिश की जा रही है, जिसका आरएलपी विरोध कर रही है। नेताओं ने कहा कि आगामी चुनावों में जनता भाजपा को जवाब देगी।
बैठक में पूर्व प्रदेश मंत्री विजयपाल बेनीवाल, बीकानेर पूर्व जिलाध्यक्ष दानाराम, जिला प्रभारी संजीव झोरड़, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय बेनीवाल, प्रदेश कार्यकरणी सदस्य प्रभु प्रचार, रामनिवास बेनीवाल, रामेश भादू, केवल काकड़, गुरबख्श ढिल्लो व अन्य नेता मौजूद थे।
