
हनुमानगढ़ । सीटू के संस्थापक अध्यक्ष व महान स्वतंत्रता सेनानी भालचन्द्र त्रिकयम्ब रणदिवे की 34वीं पुण्यतिथि शनिवार को टाउन स्थित जनशक्तित भवन में मनाई गई। इस मौके पर सीटू के कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने बीटी रणदिवे के रास्ते पर आगे बढऩे का संकल्प लिया। इस मौके पर सीटू जिला महासचिव शेरसिंह शाक्य ने कहा कि मोदी सरकार में मजदूरों, किसानों सहित जनता के सभी तबकों के जीवन जीने के अधिकार के ऊपर हमला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कारपोरेट घरानों के हाथ देश बेचने की साजिश को नाकाम करने की चुनौती को स्वीकार कर ट्रेड यूनियनों की एकता के बल पर देश के समप्रभुता, आजादी, संविधान और लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष ही आज के दौर का सबसे बड़ा दायित्व होगा। उन्होंने कहा कि बीटी रणदिवे ने 1970 में सीटू की स्थापना के समय यह बात कही थी कि हिन्दुस्तान के मजदूर वर्ग को अगर अपने दुखों-तकलीफों, समानता के, आजादी के आधार पर हिन्दुस्तान में मजदूर-मेहनतकश वर्ग की स्थापित कर समाजवादी शासन की स्थापना करनी है तो सिवाए वर्गीय संघर्ष के यह सफल नहीं हो पाएगा। तब उनकी ओर से कही गई बात आज सही साबित हो रही है। आज इस देश के भाइचारे को तोड़ा जा रहा है। साप्रदायिकता फैलाने, वोटों का द्रुवीकरण करने, तानाशाही से देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि बीटी रणदिवे की पुण्यतिथि पर सीटू कार्यकर्ताओं ने संकल्ह्रश्व लिया है कि लोकसभा चुनाव में मजदूर, किसान भाजपा की इस तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। यही बीटी रणदिवे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर सीटू जिलाध्यक्ष आत्मासिंह, जिला कोषाध्यक्ष बहादुर सिंह चौहान, रामचन्द्र, बसंत सिंह, मुंशा सिंह, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
