
हनुमानगढ़| राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ की न्यायाधिपति शुभा मेहता शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित न्यायालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। न्यायाधिपति मेहता ने जिला न्यायालय परिसर में नवस्थापित ई-सेवा केंद्र एवं अति संवेदनशील गवाह बयान केंद्र (VWDC) का लोकार्पण किया। ई-सेवा केंद्र को वन-स्टॉप सुविधा के रूप में विकसित किया गया है, जहां वकीलों और वादियों को ई-फाइलिंग, केस की जानकारी और ऑनलाइन भुगतान जैसी डिजिटल सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी।
इससे कागजी प्रक्रिया में कमी आएगी और समय की बचत होगी। वहीं, VWDC केंद्र बच्चों, यौन अपराध पीड़ितों और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील गवाहों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगा। यहां गवाह बिना किसी डर या दबाव के अपने बयान दर्ज कर सकेंगे, जबकि अभियुक्त उन्हें देख नहीं पाएगा। लोकार्पण के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश तनवीर चौधरी, पारिवारिक न्यायाधीश अशोक कुमार टाक, एनडीपीएस प्रकरण के विशिष्ट न्यायाधीश पृथ्वी पाल सिंह, पोक्सो न्यायाधीश दीपक सोनी, एससी/एसटी प्रकरण की विशिष्ट न्यायाधीश डॉ. सरिता स्वामी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बार संघ अध्यक्ष रोहित खीची एवं अधिवक्तागण मौजूद रहे। इसके बाद न्यायाधिपति मेहता ने हनुमानगढ़ न्यायक्षेत्र के सभी मुख्यालयों के न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक ली।
उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। संगरिया मुख्यालय पर भी न्यायालयों का निरीक्षण किया गया तथा न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयोजित हुई, जिसमें अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश बलवंत भारी, एसीजेएम सुजीत कुमार तंवर, सिविल न्यायाधीश सोनाक्षी पांडेय व बार संघ अध्यक्ष नवीन सेठी सहित अन्य उपस्थित रहे।
न्यायाधिपति का स्वागत, न्यायालय परिसर में किया पौधरोपण बार संघ अध्यक्ष रोहित खिंची के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने राजस्थान उच्च न्यायालय की न्यायाधिपति शुभा मेहता का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान न्यायालय परिसर में सकारात्मक वातावरण देखने को मिला और अधिवक्ताओं ने न्यायाधिपति के आगमन को गौरवपूर्ण बताया। न्यायाधिपति मेहता ने न्यायालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। इसके मौके पर जिला न्यायाधीश तनवीर चौधरी सहित न्यायिक अधिकारियों ने भी पौधरोपण किया।

