
हनुमानगढ़। धानका समाज के आंदोलन के कारण समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद प्रभावित हुई है। हड़ताल के चलते कई मंडियों में खरीद कार्य ठप हो गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है।
जानकारी के अनुसार, संगरिया, पीलीबंगा और गोलूवाला मंडियों में गेहूं की खरीद फिलहाल बंद है। मजदूरों की अनुपस्थिति और आंदोलन के कारण इन मंडियों में गतिविधियां ठप हैं। गेहूं की आवक जारी है, लेकिन खरीद न होने से किसानों की फसल मंडियों में पड़ी हुई है।
दूसरी ओर, हनुमानगढ़ टाउन और जंक्शन मंडियों में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद खरीद कार्य फिर से शुरू हो गया है। टाउन मंडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और कोई अव्यवस्था न हो।
किसानों का कहना है कि यह रबी सीजन की चरम अवधि है और बड़ी मात्रा में गेहूं मंडियों में पहुंच रहा है। खरीद रुकने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। कई किसान अपनी उपज बेचने के लिए कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं।
धानका समाज का आंदोलन जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे को लेकर चल रहा है। इस आंदोलन का सीधा असर मंडी मजदूरों की उपलब्धता पर पड़ा है। मजदूरों की हड़ताल के कारण तुलाई, भराई और उठाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मंडी सचिव विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि जंक्शन और टाउन में खरीद शुरू हो गई है। संगरिया, गोलूवाला और पीलीबंगा में भी खरीद शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी मंडियों में खरीद व्यवस्था सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल, जिले में गेहूं खरीद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और किसानों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।

