
जुलाई में कार्य बहिष्कार और जयपुर कूच की चेतावनी
हनुमानगढ़।(भटनेर एक्सप्रेस) पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (राजस्थान) की उपशाखा पंचायत समिति हनुमानगढ़ के बैनर तले मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। आंदोलन के तहत कर्मचारी सडक़ों पर उतर आए हैं और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को संगठन के बैनर तले मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता नीपेन शर्मा ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन विभाग की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के करीब 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी पिछले ढाई वर्षांे से अपनी न्यायोचित मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में उत्तराखंड पैटर्न लागू करना, कैडर रिव्यू, स्वतंत्र कार्य विभाजन, नोशनल लाभ तथा अंतरजिला स्थानांतरण सहित अन्य मांगें शामिल हैं। इन मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी ज्ञापन भी सौंपा गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि घोषित कार्यक्रम के तहत आगामी दिनों में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रचार-प्रसार अभियान, ज्ञापन, संवाद कार्यक्रम, पेन डाउन आंदोलन, सद्बुद्धि यज्ञ तथा जयपुर कूच जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 1 जुलाई से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। वहीं 7 जुलाई को जलमहल पर प्रेस वार्ता और सामूहिक जल समाधि जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने से पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक कार्यांे में अधिक दक्षता और पारदर्शिता आएगी।
