
हनुमानगढ़। पूर्व केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के हनुमानगढ़ आगमन पर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वागत समारोह के दौरान शाले मोहम्मद ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकारें लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने में लगी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपनी हार का अंदेशा हो चुका है, जिसके चलते वह चुनाव करवाने से घबरा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर संगठन को मजबूत करें और आमजन के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाएं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। आने वाले चुनावों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को अभी से सक्रिय होकर मेहनत करनी होगी, ताकि पार्टी को बहुमत के साथ जीत दिलाई जा सके। उन्होंने संगठन की मजबूती को जीत की कुंजी बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करना ही सफलता का रास्ता है।
जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास हमेशा जनता की सेवा और संघर्ष से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। सभी को मिलकर पार्टी की नीतियों और विचारधारा को आमजन तक पहुंचाना होगा।
मक्कासर ने कहा कि हनुमानगढ़ जिले में कांग्रेस संगठन मजबूत है और कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने का आग्रह किया, ताकि संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी को मजबूत बनाने और आगामी चुनावों में सफलता दिलाने का संकल्प लिया।v इस मौके पर जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, गुरलाल सिह मान, मोहनलाल इंदलिया, तरूण विजय, जितेन्द्र गोयल, रामचन्द्र चौधरी, गुरप्रीत मान सरपंच, आमिर खान, जयपाल गिरी, शहजान कुरैशी, कुलदीप जाखड़ सरपंच, विकास जाखड़, गुरलाल बराड़, तरसेम सिंह, ब्लॉक सिंह बलवीर सिंह सिद्धू, आरिफ खान नोहर, मूलाराम डारा, भादरराम जाखड़, राजेन्द्र जाखड़, मनोज कुमार छिम्पा, कमल कुक्कड़, फिरोज अली नागरा, लोकेन्द्र भाटी, महावीर सुड़ा, दिनेश नैण, दानाराम, सतीश मूंड, बलराम वर्मा, संजय वर्मा, मांगीलाल स्वामी, ओम सिरावता, हीरा सिंह, हरीराम शर्मा, भुवनेश पारीक, संदीप खिलेरी, जगदीप रंगारा, शकुर खान, विनोद मेघवाल, विजय अमलानी, विजय शर्मा, बबलू जोईया, मन्नु खान, शाहरूख रोड़ावाली, सद्दाम हुसैन, धर्मपाल गरवा, रणवीर, नानक टांटिया, विजय गोंद, जावेद टाक, रामस्वरूप भाटी, कृष्ण स्वामी, रामनिवास गोदारा, यश चिलाना, जयवीर बाना, विनोद गुरूसर, सुभान मोहम्मद, वारिस अली, शमशाद अली सरपंच, आरिफ खान व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

