
हनुमानगढ़। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष नवरंग चौधरी के आकस्मिक निधन पर गुरुवार को जंक्शन स्थित बार रूम में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में मौजूद अधिवक्ताओं ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को स्मरण किया। गौरतलब है कि नवरंग चौधरी का 26 अप्रैल को हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। वे अपने अधिवक्ता जीवन में सदैव अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्षरत रहे। उनके नेतृत्व और सक्रियता के चलते वे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के लगातार तीन बार सदस्य रहे तथा हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर क्षेत्र के अधिवक्ताओं को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चौधरी एक कर्मठ, निर्भीक और समर्पित अधिवक्ता थे, जिन्होंने हमेशा न्याय और सत्य के पक्ष में आवाज उठाई। अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। सभा के दौरान सभी अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वक्ताओं ने कहा कि नवरंग चौधरी का निधन अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने अपने जीवन में जिस तरह से अधिवक्ताओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, वह आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। इस मौके पर मनीराम पारीक, जय सिंह, रोहित खिच्ची, महावीर स्वामी, जितेंद्र सारस्वत, अनुज डोडा, मनेष तंवर, नरेंद्र माली, विनोद पारीक, राजेन्द्र भुंवाल, जगजीत सिंह जग्गी, रामकुमार खटोड़, लालचंद वर्मा, अमित गोदारा, रघुवीर वर्मा, राहुल बिस्सा, राजकुमार बागोरिया, नवीन बाकोलिया, नितिन छाबड़ा, नूर आलम, रमेश स्वामी, कुलदीप, यादवेन्द्र सिंह सेखों, बृजमोहन बिश्नोई, विमल कीर्ति, कमल बिश्नोई, राजीव चौधरी, विनोद वर्मा, ध्रुव कुमार, राजेन्द्र बेनीवाल, महेश शर्मा, राजीव गिल्ला, संजय गोदारा, राजेन्द्र सहारण, दलीप सारस्वत, दिनेश दाधीच, भगवानदास रोहिल्ला, राजेन्द्र सिंह, मधुसूदन, राजेन्द्र पारीक, मोहित चौधरी, आशीष भिड़ासरा, लोक अभियोजक पवन श्रीवास्तव, गणेश गिल्होत्रा मौजूद रहे।

