
हनुमानगढ़। जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में शुमार जंक्शन की धानमंडी इन दिनों अव्यवस्थाओं की मार झेल रही है। यहां एक ओर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तो दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही के चलते किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में जगह-जगह फैली अव्यवस्था, धीमी कार्यप्रणाली और जर्जर ढांचे किसी बड़े हादसे की आशंका को भी बढ़ा रहे हैं। तोला यूनियन अध्यक्ष सतपाल दामड़ी ने बताया कि मंडी के मुख्य चौराहे से प्रतिदिन भारी संख्या में ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गुजरती हैं, लेकिन चौराहे पर नाली के ऊपर लगी जाली उखड़ी हुई है। इस कारण कई वाहनों के टायर फट चुके हैं, वहीं दुपहिया वाहन चालक अक्सर नाली में फंसकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। कई बार कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सतपाल दामड़ी ने बताया कि चौराहे के पास बना ओवरहेड टैंक पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है, लेकिन उसे हटाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्थान का उपयोग शौचालय निर्माण के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा ओवरहेड टैंक के पास निर्माण सामग्री पड़ी होने से भी आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है, जिसके चलते भीषण गर्मी में किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वर्तमान में कैंटर के जरिए प्याऊ में पानी भरवाया जा रहा है। मंडी में गेहूं के उठाव की गति धीमी होने से चारों ओर गेहूं के ढेर लगे हुए हैं, जिससे अव्यवस्था फैल रही है। तुलाई का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में मौसम खराब होने की स्थिति में गेहूं के खराब होने का खतरा बना हुआ है। वहीं व्यापारी नेता प्यारेलाल बंसल ने बताया कि इस संबंध में जिला कलक्टर और एजेंसी अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए नए बारदाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार को मई दिवस के कारण मजदूर काम बंद रखेंगे, जिससे तुलाई और उठाव कार्य प्रभावित रहेगा। उन्होंने मांग की कि गेहूं लिफ्टिंग की गति बढ़ाई जाए, ताकि मंडी में व्यवस्था सुधर सके और किसानों को राहत मिल सके।

