
हनुमानगढ़। बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर के दामों में हुई भारी वृद्धि के विरोध में सीटू (CITU) के बैनर तले शनिवार को जंक्शन स्थित लाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया।
सीटू जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आम जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और लगातार महंगाई बढ़ाकर गरीब व मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के चुनाव संपन्न होते ही सरकार ने अपने पुराने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं और व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में 993 रुपए तक की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे छोटे व्यापारियों, होटल संचालकों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
शाक्य ने कहा कि पहले ही बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रही जनता के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कीमतों में राहत नहीं दी तो मजदूर वर्ग सड़कों पर उतरकर और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।
माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने भी केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां पूरी तरह से पूंजीपतियों के हित में काम कर रही हैं, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है और आम आदमी का जीवन दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है।
सेंट्रल वेयर हाउस नेता गुरप्रेम सिंह और मजदूर नेता सुल्तान खान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ता और छोटे व्यवसायियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के कारण छोटे व्यापारी अपना व्यवसाय चलाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और इसका असर रोजगार पर भी पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से गैस सिलेंडर के दाम कम करे और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और महंगाई के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। लाल चौक पर कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया और राहगीरों का ध्यान भी इस ओर आकर्षित हुआ।
इस मौके पर सीटू जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य, रघुवीर वर्मा, बीएस पेंटर, गुरुप्रेम सिंह, वली शेर, सुल्तान खान, वारिस अली, रिछपाल राठौड़, तरसेम सिंह, ओमप्रकाश, वेद मक्कासर, अनवर खान, सहीराम सहित बड़ी संख्या में मजदूर और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

