
टोंक में पुलिस कॉन्स्टेबल का शव लहूलुहान हालत में एक सुनसान इलाके में मिला। शव के चेहरे, गर्दन और सीने पर चोट के निशान हैं। पास ही उनकी बाइक पड़ी मिली। बेटे का शव देख पूर्व पार्षद पिता होश खो बैठे, उन्हें लोगों ने संभाला। परिजनों का आरोप है कि कॉन्स्टेबल की बजरी माफिया ने हत्या की है।
पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा- चेहरे और सीने पर घाव हैं। ये हत्या का मामला है। मर्डर कहीं और किया है इसके बाद कॉन्स्टेबल को यहां फेंका गया है। अधिकारियों से बातचीत की तो पता चला कि इसमें बजरी का कनेक्शन जुड़ रहा है। वर्दी ही टोंक में सुरक्षित नहीं है।
मामला टोंक जिले के बनेठा थाने के उनियारा इलाके का सुबह 8 बजे का है।
घटना की सूचना मिलते ही टोंक एसपी राजेश मीणा, एएसपी रतनलाल भार्गव और टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा तुरंत मौके पर पहुंचे। FSL टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। मामले में प्रशासन और परिजनों के बीच 1 करोड़ के मुआवजे और सरकारी नौकरी पर सहमति बनी है। इसके बाद परिजन शव के पोस्टमॉर्टम करवाने पर राजी हुए।
गर्दन-सीने पर चोट के निशान
बनेठा थाना प्रभारी भागीरथ चौधरी ने बताया- कॉन्स्टेबल भागचंद ऑन ड्यूटी थे। बीती रात करीब 12 बजे बाद गश्त पर पुलिस की बाइक लेकर गए थे। आज सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने कॉल कर बताया कि पुलिसकर्मी का शव पड़ा है। उनके के सीने, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से चोट के निशान हैं।
एसपी राजेश मीणा ने बताया- मामले के बारे में जांच की जा रही है। जल्द ही इसका खुलासा करेंगे।
पूर्व पार्षद बोले- बेटे का मर्डर हो गया
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता भी मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक मेहता ने कहा- पूर्व पार्षद कालू सैनी का मेरे पास फोन आया। कहा कि मेरे बेटे भागचंद सैनी का मर्डर हो गया है। मैं स्तब्ध रह गया। भागचंद बनेठा थाना क्षेत्र की ककोड़ चौकी पर पोस्टेड थे।
पुलिस ही सुरक्षित नहीं, बजरी से हत्या का कनेक्शन
पूर्व विधायक मेहता ने कहा- टोंक में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी का क्या होगा। एसपी राजेश मीणा के आने से बजरी माफियाओं का अंकुश लगा है, लेकिन नीचे की टीम तो चांदी कूट रही है। अधिकारियों से बात हुई तो प्रथम दृष्टया बजरी माफियाओं का कनेक्शन इस मामले से जुड़ रहा है। ड्यूटी पर आदमी की हत्या हो जाती है। वर्दी का खौफ खत्म हो गया है। ये घटना हमारे लिए चैलेंज है। बजरी के ट्रैक्टरों के वीडियो बनाए, एसपी को भेजे।
सरकारी नौकरी और 1 करोड़ से ज्यादा के मुआवजे पर सहमति
इधर, सुबह साढ़े 11 बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सआदत अस्पताल ले जाया गया। जहां परिजन अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। मृतक के परिजनों को एक करोड़ की आर्थिक सहायता, हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने और अन्य सरकारी लाभ जल्द देने की मांग पर अड़े हुए हैं। परिजनों ने मांगें पूरी होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद प्रशासन से सहमति बनी और शव को उठा लिया गया है। भागचंद के परिजनों को 1 करोड़ 10 लाख से ज्यादा की राशि, राजकीय सामान के साथ अंतिम संस्कार, एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं जिला पुलिस के कार्यक्रम में भागचंद की पत्नी को बुला कर सम्मानित किया जाएगा।
परिजनों के साथ पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व टोंक विधायक अजीत सिंह मेहता, बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश माहुर, बीजेपी नेता कमलेश सिंगोदिया, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन लक्ष्मी जैन, पांचू लाल सैनी इमरजेंसी के बाहर बैठे हैं।
कॉन्स्टेबल के 21 महीने का बेटा
भागचंद (26) की 21 अप्रैल 2022 को टीना के साथ शादी हुई थी। उनके 21 महीने का बेटा कार्तिक है। भागचंद के 2 भाई और तीन बहनें हैं। वह सबसे छोटे थे। उनकी 2018 में नौकरी लगी थी। पिता कालू लाल सैनी वार्ड 1994 में पार्षद रहे थे। वे अब किसानी का काम करते हैं।

