
हनुमानगढ़। क्षेत्र में संचालित एसके आवास फाइनेंस कंपनी पर गरीब लोगों का शोषण करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला फतेहपुर निवासी मजदूर बिन्दर सिंह से जुड़ा है, जिसने कंपनी से लिया गया लोन पूरी तरह चुका देने के बावजूद अब तक अपने मकान के कागजात और रजिस्ट्री वापस नहीं मिलने की शिकायत की है। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार कंपनी द्वारा गरीब और अनपढ़ लोगों को निशाना बनाकर उन्हें भारी ब्याज दरों पर लोन दिया जाता है। आरोप है कि कंपनी ₹20 सैकड़ा से अधिक ब्याज वसूलती है और लोन देते समय मकान की रजिस्ट्री, पट्टा व अन्य दस्तावेज बैंक में रहन रखवा लेती है। बिन्दर सिंह ने भी इसी प्रक्रिया के तहत लोन लिया था।
बताया जा रहा है कि बिन्दर सिंह ने किसी अन्य स्रोत से पैसा जुटाकर एसके फाइनेंस कंपनी का पूरा लोन चुका दिया। इसके बाद जब उसने अपने मकान के कागजात और रजिस्ट्री वापस मांगी, तो कंपनी के कर्मचारियों ने कागजात देने से इनकार कर दिया। कंपनी की ओर से यह दलील दी गई कि उसने किसी अन्य लोन की गारंटी दे रखी है, जबकि पीड़ित का कहना है कि वह अनपढ़ है और उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उससे किन कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए।
पीड़ित के अनुसार, जब वह हाल ही में कंपनी के कार्यालय पहुंचा और अपने दस्तावेजों की मांग की, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। न तो कागजात लौटाए गए और न ही स्पष्ट जानकारी दी गई। इससे पीड़ित और उसके परिजनों में गहरा आक्रोश है।
इस पूरे मामले को लेकर माकपा से जुड़े कार्यकर्ताओं और सीटू ,डीवाईएफआई संगठन ने भी विरोध जताया है। संगठन ने ऐलान किया है कि यदि जल्द ही पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी क्रम में कल सुबह 9 बजे एसके फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा और कार्यालय की तालाबंदी की जाएगी।
मौके पर माकपा नेता शेर सिंह शाक्य, रिछपाल पाल सिंह, हरदेव सिंह, सुरेश जोडकिया और संदीप सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
संगठन के नेताओं का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि कई गरीब परिवार इस तरह की वित्तीय कंपनियों के जाल में फंसकर शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
