
हनुमानगढ़। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) एवं राजस्थान केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को हनुमानगढ़ जिले के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स द्वारा राष्ट्रव्यापी सांकेतिक हड़ताल रखी गई। जिलेभर के मेडिकल स्टोर एवं दवा प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखकर ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आंदोलन को समर्थन दिया गया। हड़ताल के दौरान केमिस्ट समुदाय ने अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री को जन स्वास्थ्य और छोटे व्यापारियों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
हड़ताल के तहत हनुमानगढ़ जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही ऑनलाइन दवा कंपनियों द्वारा अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) की नीति को छोटे एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए नुकसानदायक बताया गया।
एसोसिएशन सचिव महेंद्र कासनिया ने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं, बल्कि यह सीधे जन स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। बिना उचित चिकित्सकीय परामर्श एवं सत्यापन के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत निर्धारित नियमों की अनदेखी कर कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स अनियंत्रित तरीके से दवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं, जिससे नियामकीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में केंद्र सरकार से GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग भी की गई। एसोसिएशन का आरोप है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स एवं क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी के लिए किया जा रहा है।
केमिस्ट प्रतिनिधियों ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान देशभर के केमिस्ट्स ने फ्रंटलाइन हेल्थ सपोर्ट सिस्टम के रूप में कार्य करते हुए आमजन तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी। इसके बावजूद लंबे समय से अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के खिलाफ ज्ञापन देने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
हनुमानगढ़ जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश बंसल एवं सचिव महेंद्र कासनिया ने बताया कि जिले में हड़ताल पूर्णतः शांतिपूर्ण रही तथा इसे केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट समुदाय का व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक एवं आपातकालीन दवाएं उपलब्ध करवाकर मानवीय दायित्व का भी निर्वहन किया गया।
