
श्रीगंगानगर।1 राजस्थान सरकार शिक्षकों के संगठित दबाव और आंदोलन के आगे झुक गई है। जयपुर में शिक्षा मंत्री के कार्यालय में कल देर शाम आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षकों की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। अब ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शैक्षणिक सत्र 29 जून से शुरू होगा, जबकि पहले 21 जून से शुरू करने का कार्यक्रम था। बैठक में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, उनके विशेष सहायक, विशेषाधिकारी तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा राजस्थान) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न तात्कालिक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और कई बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति बनी। सबसे महत्वपूर्ण फैसला ग्रीष्म अवकाश को लेकर लिया गया। बैठक के अनुसार ग्रीष्मावकाश पश्चात शैक्षणिक सत्र अब 21 जून के स्थान पर 29 जून से प्रारंभ किया जाएगा। इसके अलावा, संस्था प्रधानों (प्रधानाचार्यों) को पूर्वावकाश में अतिरिक्त 02 दिन दिए जाएंगे, जिसके लिए शिविरा पंचांग में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।इसके साथ ही समानीकरण एवं स्टाफिंग पैटर्न, तृतीय श्रेणी पदोन्नति, गैर-शैक्षणिक कार्यों, संविदाकर्मी नियम, शिक्षार्थी एवं शिक्षक हित से जुड़े अन्य विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई और यथोचित निर्णय लिए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। शिक्षक प्रतिनिधियों ने बैठक में बनी सैद्धांतिक सहमति पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा कर दी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष रमेश पुष्करणा और शिक्षा मंत्री के विशेष सहायक जय नारायण मीणा ने बैठक की कार्यवाही पर हस्ताक्षर किए। शिक्षक संघों के दबाव में सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और शिक्षकों की मांगों को मानना पड़ा। इससे राजस्थान के लाखों छात्रों और शिक्षकों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। शिक्षा विभाग शीघ्र ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा। यह समझौता शिक्षक संगठनों की जीत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन के बाद सरकार को शिक्षकों की मांगों पर सहमति देनी पड़ी।
