
कलेक्ट्रेट पर फूंका केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला, युवाओं के अपमानजनक बयान का भी किया विरोध
हनुमानगढ़। भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) जिला कमेटी हनुमानगढ़ के नेतृत्व में रविवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिला सचिव वेद मक्कासर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों एवं हाल ही में नीट 2026 परीक्षा से पूर्व पेपर लीक होने के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला फूंका। मांग की है कि धर्मेन्द्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दे। इस दौरान युवाओं के खिलाफ कथित “कोकरेज” टिप्पणी का भी जमकर विरोध किया गया।
प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले कई वर्षों से विभिन्न सरकारी नौकरियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं, लेकिन सरकार इन घटनाओं पर रोक लगाने में विफल साबित हुई है। हाल ही में आयोजित नीट 2026 परीक्षा को लेकर भी पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की मेहनत एवं उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है।
डीवाईएफआई नेता वेद मक्कासर ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं अपने घरों से दूर रहकर बड़े कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं, जिन पर अभिभावकों के लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसके बावजूद पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन में निजी स्कूलों एवं कॉलेजों के कर्मचारियों की भागीदारी के कारण भ्रष्टाचार और लापरवाही बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का संचालन पूरी तरह सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों की निगरानी में करवाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
ज्ञापन में वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि जांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हो सकी। संगठन का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद देश में करीब 12 बड़े पेपर लीक मामले सामने आए, लेकिन किसी भी आरोपी को उम्रकैद जैसी सख्त सजा नहीं मिली।
डीवाईएफआई ने युवाओं के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणियों की भी कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि देश का युवा पहले ही बेरोजगारी से परेशान है और ऊपर से उसे तंज एवं अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं को कोकरोज मतलब गंदी नाली की कीड़ा कहा जा रहा है, जो कि बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर वर्ष करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन रोजगार देने के बजाय युवाओं को निराशा मिली है।
संगठन ने मांग की कि देशभर में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाए तथा दोषियों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया जाए। डीवाईएफआई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो संगठन युवाओं एवं छात्रों के साथ देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर वेद मक्कासर, देवीलाल धौलीपाल, हिम्मत सिंह मेहरवाला, सुरेश जोड़किया, सहदेव गोस्वामी, रामकुमार जोरावरपुरा, सुरेन्द्र दहिया, मोहन लोहरा, भागमल, शोपत, बलकरण, कपिल, पवन कुमार, महावीर, मनप्रीत, दीपक, विनोद सहजीपुरा, धर्मपाल, सुशाल, नवीन कुमार, रामपाल, राकेश परिहार, शिवराज सिंह, रमेश मेहरड़ा, दिनेश मजोका, रोशन लाल, विशाल, रवि, महावीर व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
