
प्रमुख शासन सचिव को सौंपा ज्ञापन, एसटी अधिकार बहाली की मांग दोहराई
हनुमानगढ़। धाणका-धानका समाज का अनुसूचित जनजाति (एसटी) अधिकारों की बहाली को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को 288वें दिन भी जारी रहा। समाज के लोगों ने हनुमानगढ़ पहुंचे प्रमुख शासन सचिव डॉ. जोगाराम को ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई। इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन द्वारा अपनाए जा रहे कथित दोहरे मापदंडों पर भी नाराजगी जताई।
धरनास्थल पर मौजूद समाज के लोगों ने बताया कि पिछले सात वर्षों से उन्हें एसटी वर्ग के अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज का आरोप है कि वर्ष 2019 में जारी एक विवादित पत्र के आधार पर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में “धाणका” और “धानका” को अलग-अलग मानते हुए प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे, जबकि राज्य के अन्य जिलों में दोनों को एक ही मानते हुए एसटी प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने प्रमुख शासन सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि लंबे समय से आंदोलन और धरने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि विवादित पत्र को निरस्त कर समाज को पूर्व की भांति एसटी वर्ग के सभी अधिकार और सुविधाएं प्रदान की जाएं।
समाज के लोगों ने बताया कि हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना पिछले 288 दिनों से लगातार जारी है। आंदोलन के दौरान कई बार प्रशासन और सरकार को ज्ञापन दिए गए, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समाज ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज वर्षों से मानसिक, सामाजिक और प्रशासनिक परेशानियां झेल रहा है। अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर सकारात्मक निर्णय करेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।
