
32 प्रशिक्षार्थियों को दिया स्वरोजगार का व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रमाण पत्र वितरित
हनुमानगढ़। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं भारतीय स्टेट बैंक द्वारा प्रायोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में आयोजित बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सोमवार को उत्साहपूर्वक हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नाबार्ड के डीडीएम जुबेर परिहार रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक बिधु शंकर ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक बिधु शंकर ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बकरी पालन से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाई गई, जिससे उनके मन में मौजूद जिज्ञासाओं का समाधान हुआ। प्रतिभागियों को अनुभवी बकरी पालकों से संवाद करवाकर व्यवसाय शुरू करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों एवं आवश्यक तैयारियों के बारे में भी अवगत कराया गया।
मुख्य अतिथि जुबेर परिहार ने अपने संबोधन में कहा कि बकरी पालन को गरीब की गाय कहा जाता है, क्योंकि कम पूंजी में इस व्यवसाय को शुरू कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बकरी पालन को “चलता-फिरता एटीएम” भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा पशुपालन विभाग हनुमानगढ़ के सहयोग से कुशल पशु चिकित्सकों के माध्यम से प्रतिभागियों को पशुओं के चारे, देखभाल, बीमारियों से बचाव एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि भविष्य में व्यवसाय करते समय आने वाली समस्याओं का वे आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
उन्होंने पशुपालन व्यवसाय में स्वयं एवं पशुओं का बीमा करवाने के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीमा जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। डीडीएम ने कहा कि आरसेटी का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली लोगों को उनकी कला एवं क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी-बड़ी कंपनियां छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों के उत्पादों को अपने ब्रांड के नाम से बाजार में बेचकर लाभ कमा रही हैं। ऐसे में आरसेटी प्रतिभागियों को कार्य प्रबंधन एवं व्यवसाय संचालन की भी जानकारी दे रहा है, ताकि आम व्यक्ति भी अपनी कला के दम पर सफल व्यवसाय स्थापित कर सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अनुदेशक मुकेश भानुशाली, अनिल राठौड़, कार्यालय सहायक गणेशराम, रितिक अरोड़ा, सूरज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
