
सांसद कुलदीप इंदौरा से हस्तक्षेप की मांग, धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने की अपील
हनुमानगढ़। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी उपसभा, धोलीपाल द्वारा नोहर स्थित भगवान महावीर पार्क की दीवार तोड़कर वहां गंदे पानी के भंडारण एवं निकासी के लिए प्रस्तावित निर्माण कार्य का विरोध जताते हुए श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद कुलदीप इंदौरा को ज्ञापन सौंपा गया। उपसभा ने इस प्रस्तावित योजना को धार्मिक भावनाओं के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रुकवाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि भगवान महावीर पार्क जैन समाज की आस्था, धार्मिक मान्यताओं एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। पार्क वर्षों से समाज के लोगों के लिए श्रद्धा और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख स्थल रहा है। ऐसे में नगरपालिका द्वारा पार्क की दीवार तोड़कर वहां गंदे पानी के भंडारण एवं निकासी की योजना बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे धार्मिक भावनाएं भी आहत होंगी।
उपसभा पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पार्क के समीप गंदे पानी का संग्रहण और निकासी की व्यवस्था बनाई जाती है तो इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी एवं दुर्गंध का वातावरण बनेगा। साथ ही पार्क की स्वच्छता, सुंदरता और पवित्रता भी प्रभावित होगी। समाज के लोगों ने आशंका जताई कि इससे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में भी जैन समाज की धार्मिक एवं सामाजिक धरोहरों के साथ अनुचित व्यवहार किया जा चुका है। समाज की ओर से कहा गया कि पहले महावीर स्वामी चौक को तोड़ा गया और जैन समाज की लाइब्रेरी को भी हटाया गया था। अब भगवान महावीर उद्यान को गंदे पानी की निकासी स्थल में परिवर्तित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समाज में भारी रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में आंचलिक अध्यक्ष प्रकाश जैन सहित राजकुमार जैन, बाबूलाल जैन, अशोक जैन, अरविंद जैन, मदन नाहटा एवं प्रवीण गोलछा के नाम प्रमुख रूप से शामिल रहे। उपसभा ने सांसद से मांग की कि वे मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रस्तावित निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाएं तथा भगवान महावीर पार्क के मूल स्वरूप और पवित्रता को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन को निर्देशित करें।
इस दौरान सांसद कुलदीप इंदौरा ने समाज के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस संबंध में हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर, नोहर विधायक अमित चाचाण तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों से बात कर उचित समाधान का प्रयास करेंगे। सांसद के आश्वासन के बाद समाज के लोगों ने उम्मीद जताई कि धार्मिक स्थल की गरिमा को बनाए रखने के लिए सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
