
6 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू, शिकारियों की गतिविधियों को आग का कारण बताया गया
हनुमानगढ़। जिले के कोहला फॉर्म क्षेत्र में शुक्रवार को एक बार फिर भीषण आगजनी की घटना सामने आई, जिससे करीब 240 मरब्बे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते विशाल क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया। पिछले दिनों हुई आगजनी की घटना से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार पहले से अधिक सतर्क नजर आया और सूचना मिलते ही तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।जानकारी के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र मरवाल ने जैसे ही प्रशासन को आग लगने की सूचना दी, तुरंत प्रभाव से 7 से 8 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। दमकल विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन तेज गर्मी, सूखी झाड़ियों और हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।आग बुझाने के कार्य में आसपास के ग्रामीणों ने भी सराहनीय सहयोग दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर करीब 40 से 50 पानी के टैंकरों की व्यवस्था कर आग पर नियंत्रण पाने में प्रशासन का साथ दिया। ग्रामीणों, दमकल कर्मियों और प्रशासनिक टीमों ने लगातार करीब छह घंटे तक कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। आगजनी की इस घटना से क्षेत्र में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।घटना की सूचना मिलने पर जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र मारवाह ने जिला कलेक्टर को बताया कि क्षेत्र में कुछ शिकारी सूअर का शिकार करने के लिए आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग आटे के पेड़ों में बारूद भरकर खेतों और झाड़ियों में फेंक देते हैं। जैसे ही कोई सूअर या अन्य जानवर उसे खाता है तो उसमें विस्फोट हो जाता है। उनका कहना था कि इसी प्रकार के विस्फोट के कारण इस बार आग लगने की आशंका है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम नायक ने भी जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि कोहला फॉर्म क्षेत्र में वन विभाग की ओर से विशेष निगरानी और पहरेदारी की व्यवस्था की जाए ताकि शिकारियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि अवैध शिकार करने वाले लोग न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा हैं, बल्कि उनकी गतिविधियों से बड़े स्तर पर आगजनी जैसी घटनाएं भी हो रही हैं।प्रेम नायक ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि पूरे क्षेत्र को “धूम्रपान निषेध क्षेत्र” घोषित किया जाए। उनका कहना है कि कई बार राहगीरों द्वारा बीड़ी-सिगरेट के उपयोग से भी आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है तथा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
