
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए जिलेभर में विशेष गतिविधियां
– 1 से 15 जून तक चलेगा ‘हैचरी क्रियाशील पखवाड़ा’
हनुमानगढ़। जिले में मानसून के आगमन से पूर्व मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पूरे माह विशेष अभियान चलाकर मच्छरों की रोकथाम, लार्वा नियंत्रण, जनजागरूकता और निगरानी गतिविधियों को गति दी जाएगी, ताकि बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के खतरे को न्यूनतम किया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में विशेष गतिविधियां संचालित करेंगी। अभियान के तहत मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वल तथा एंटी एडल्ट गतिविधियां की जाएंगी। साथ ही आवश्यक दवाइयों, जांच किटों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसी भी संभावित स्थिति का समय पर सामना किया जा सके। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान जलभराव और साफ-सफाई की कमी के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आमजन को घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों को ढककर रखने तथा नियमित सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया कि अभियान के पहले चरण में 1 से 15 जून तक ‘हैचरी क्रियाशील पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मच्छरों के जैविक नियंत्रण के लिए गम्बुशिया मछलियों को स्थायी जल स्रोतों, तालाबों एवं अन्य जल निकायों में छोड़ा जाएगा। गम्बुशिया मछलियां मच्छरों के लार्वा को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप कम किया जा सकता है। इस एक माह चलने वाले अभियान में मुख्यत: लार्वा पैदा होने वाले स्रोतों का नष्टीकरण (सोर्स रिडक्शन) पर मुख्य फोकस करते हुए समस्त गतिविधियों का संपादन किया जाएगा। अभियान के दौरान आशा सहयोगिनियों, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सीएचओ, डीबीसी और अन्य फील्ड स्टाफ के माध्यम से घर-घर सम्पर्क कर लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। स्कूलों, ग्राम पंचायतों और सामुदायिक संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, बैठकें तथा आईईसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसी के अंतर्गत डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा सीएचसी रावतसर का निरीक्षण बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई।
जनसहयोग से ही रोगों पर नियंत्रण सम्भव
सीएमएचओ डॉ. नववीत शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल मलेरिया नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि डेंगू, चिकनगुनिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए भी व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घरों, छतों, कूलरों, गमलों तथा अन्य स्थानों पर पानी जमा नहीं होने दें और किसी भी प्रकार के बुखार या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार समय पर की गई रोकथाम और जनसहयोग से ही मानसून के दौरान वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसी उद्देश्य से जून माह में जिलेभर में व्यापक स्तर पर एंटी मलेरिया माह की गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
