
– रेलवे ट्रैक पर 40 मिनट तक बैठे रहे किसान, मालगाड़ी हुई प्रभावित
– अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रेलवे एक्ट में केस दर्ज
हनुमानगढ़। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर शनिवार को पीलीबंगा में हुए किसान आंदोलन के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट हनुमानगढ़ ने अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों की ओर से रेल रोको आंदोलन के तहत रेलवे ट्रैक पर धरना देने के कारण रेलवे यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद कार्रवाई की गई। आरपीएफ हनुमानगढ़ की ओर से तैयार घटना रिपोर्ट के अनुसार 30 मई को पूर्व घोषित आंदोलन के तहत किसान सुबह करीब 11 बजे उपखंड कार्यालय पीलीबंगा के सामने एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद प्रदर्शनकारी अचानक दोपहर 12.10 बजे रेलवे स्टेशन पीलीबंगा के निकट हनुमानगढ़-पीलीबंगा रेलखंड के किलोमीटर संख्या 116/5-7 के मध्य रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और वहां बैठकर नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार सिविल प्रशासन की ओर से समझाइश के बाद प्रदर्शनकारी दोपहर 12.50 बजे ट्रैक से हटकर पुन: धरना स्थल पर लौट गए। इसके बाद दोपहर 1.15 बजे एसएसई पीलीबंगा की ओर से रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर उसे सुरक्षित एवं संचालन योग्य घोषित किया गया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में करीब 700 किसानों की भीड़ ने लगभग 40 मिनट तक रेलवे लाइन पर बैठकर रेल यातायात में बाधा उत्पन्न की। इस संबंध में स्टेशन मास्टर पीलीबंगा की ओर से लिखित मेमो दिए जाने पर आरपीएफ निरीक्षक बलवीर सिंह ने मौके का निरीक्षण कर नक्शा मौका एवं संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की। मामले में अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रेलवे सीमा में अनाधिकृत प्रवेश कर रेल यातायात बाधित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह मामला रेलवे अधिनियम की धारा 174ए एवं 147 के तहत दर्ज किया गया है। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के कारण एक मालगाड़ी लगभग 60 मिनट तक प्रभावित रही। हालांकि मौके पर भीड़ अधिक होने तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए किसी भी प्रदर्शनकारी की गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं थे, लेकिन आंदोलन की मोबाइल कैमरों से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई है। मामले की जांच आरपीएफ हनुमानगढ़ के निरीक्षक बलवीर सिंह की ओर से की जा रही है।
