
व्याख्याता भर्ती परीक्षा में सख्ती, देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश, केन्द्र पर हंगामा
– पहली पारी में 64.42 प्रतिशत व दूसरी पारी में 66.49 प्रतिशत रही उपस्थिति
– पांच जून तक होगी व्याख्याता भर्ती परीक्षा
हनुमानगढ़। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से आयोजित व्याख्याता भर्ती परीक्षा रविवार से शुरू हुई। पांच जून तक चलने वाली व्याख्याता भर्ती परीक्षा के लिए जिले में कुल 43 केन्द्र बनाए गए हैं। रविवार को पहले दिन दो पारियों में परीक्षा हुई। पहली पारी में 42 केन्द्रों पर जबकि दूसरी पारी में 19 केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले जंक्शन में एक परीक्षा केन्द्र पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब निर्धारित समय के बाद पहुंचे कुछ अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया गया। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने केन्द्र के बाहर विरोध जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। परीक्षा केन्द्र के बाहर कई अभ्यर्थी भावुक नजर आए। एक छात्रा रोते हुए अधिकारियों से परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की गुहार लगाती रही। उसने कहा कि उसने परीक्षा के लिए लंबे समय तक मेहनत और तैयारी की थी, लेकिन कुछ मिनट की देरी के कारण उसका भविष्य प्रभावित हो गया। हालांकि आरपीएससी के निर्धारित नियमों के चलते उसे परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया गया। जिले में व्याख्याता भर्ती परीक्षा के लिए कुल 45 हजार 408 अभ्यर्थी नामांकित हैं। 42 केन्द्रों पर हुई पहली पारी में नामांकित 12194 अभ्यर्थियों में से 7856 ने परीक्षा दी जबकि 4338 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पारी में 64.42 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 19 केन्द्रों पर हुई दूसरी पारी में नामांकित 5515 अभ्यर्थियों में से 3667 ने परीक्षा दी जबकि 1848 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 66.49 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर पुलिस जाप्ता तैनात रहा तथा अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पेपर लीक और नकल की आशंकाओं को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। परीक्षा संचालन के लिए करीब 1600 वीक्षकों की नियुक्ति की गई है। वहीं नकल रोकने और परीक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए आठ उडऩदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) टीमों का गठन किया गया है, जिन्होंने विभिन्न केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान पत्र, प्रवेश पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। कई केन्द्रों पर अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से काफी पहले पहुंचने की सलाह दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। पहले दिन कड़ी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी दिनभर मुस्तैद रहे।

