
हनुमानगढ़। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (राजस्थान) ने लंबित मांगों के समाधान को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। आंदोलन के पहले चरण में सोमवार को ब्लॉक स्तर पर कर्मचारियों ने उपखंड अधिकारी एवं विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। संगठन ने इस अभियान को “स्वाभिमान बचाओ आंदोलन” नाम दिया है। जिला अध्यक्ष जगपाल मान ने बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार एवं विभागीय अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के लगभग 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी पिछले ढाई वर्षों से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में उत्तराखंड पैटर्न लागू करना, कैडर रिव्यू, स्वतंत्र कार्य विभाजन, नोशनल लाभ तथा अंतरजिला स्थानांतरण सहित अन्य प्रशासनिक और सेवा संबंधी मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। संगठन द्वारा जारी आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार 7 जून को जिला स्तर पर जिला कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके बाद 10 से 16 जून तक आधा दिवस पेन डाउन आंदोलन किया जाएगा। 17 जून को ब्लॉक स्तर, 18 जून को जिला स्तर तथा 19 जून को राज्य स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित होंगे। इसके अलावा 24 जून को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, जिलाध्यक्ष एवं महामंत्री जयपुर कूच करेंगे, जबकि 25 जून को ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य जयपुर पहुंचेंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 1 जुलाई 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। 6 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव तथा 7 जुलाई को जयपुर स्थित जलमहल पर प्रेस वार्ता एवं सामूहिक जल समाधि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संगठन पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि समय रहते समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
