
श्रीगंगानगर।(भटनेर एक्सप्रेस)राजस्थान पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही और विभागीय स्तर पर लगातार पक्षपात कर रही है। श्रीगंगानगर में आज जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया गया तो एक जून से जयपुर में स्वाभिमान बचाओ आंदोलन के तहत महाजल समाधि आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष पंकजकुमार ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पिछले दो साल से संस्थागत मंत्रालयिक संवर्ग के करीब 16 हजार कर्मचारियों के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 की जांच के नाम पर कर्मचारियों के पदोन्नति और नैसर्गिक न्याय के अधिकारों को लंबित रखा गया है। एक ही भर्ती की अलग-अलग स्तर पर जांच करवाई गई और मुख्य जांच अधिकारी को मंत्रालयिक कर्मचारियों के मामलों से अलग करने की मांग को नजरअंदाज कर दिया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है और शासन संवर्ग के प्रभाव के चलते मंत्रालयिक कर्मचारियों को जानबूझकर उपेक्षित किया जा रहा है।प्रदर्शन में शामिल एक महिला कर्मचारी ने भावुक स्वर में कहा कि उन्हें फील्ड का कोई स्पष्ट पता नहीं मिल रहा है। फील्ड में आने वाली समस्याओं का सामना उन्हें अकेले करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सभी चीजों का उचित बंटवारा होना चाहिए और अलग-अलग व्यवस्था व नियम बनाए जाएं ताकि महिला कर्मचारी बिना किसी परेशानी के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अब यह लड़ाई केवल अधिकारों की नहीं बल्कि स्वाभिमान और सम्मान की लड़ाई है। यदि सरकार ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया तो जयपुर में मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद सामूहिक जल समाधि आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए।
