
पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायकों ने सौंपा ज्ञापन, बोले-बजट घोषणा के बावजूद शुरू नहीं हुई प्रक्रिया
हनुमानगढ़।(भटनेर एक्सप्रेस) शिक्षा विभाग में संविदा आधार पर कार्यरत पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक महासंघ के बैनर तले एकत्रित संविदा कार्मिकों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के जिलाध्यक्ष महावीर भादू ने बताया कि शिक्षा विभाग में पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक संविदा रूल्स-2022 के तहत कार्यरत हैं। राज्य सरकार की ओर से बजट वर्ष 2025-26 में उपमुख्यमंत्री की ओर से अनुभव संबंधी शर्तांे में दो वर्ष की शिथिलता देने की घोषणा की गई थी, जिसके आदेश भी जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में करीब 23740 पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक लंबे समय से संविदा आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व में ग्राम पंचायत सहायक के रूप में कार्य करने वाले ये कार्मिक वर्तमान में पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक के पद पर कार्यरत हैं और बजट घोषणा के बाद नियमितीकरण के लिए आवश्यक अनुभव अवधि भी पूरी कर चुके हैं। महावीर भादू ने मांग की कि संविदा रूल्स-2022 के बिंदु संख्या 20 के तहत पात्र कार्मिकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि वर्षांे से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायित्व मिल सके। महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर के पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक 10 जून से शिक्षा निदेशालय बीकानेर के समक्ष बेमियादी महापड़ाव शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस मौके पर महामंत्री राजू स्वामी, संरक्षक बलजिन्द्र सिंह, भगवानाराम, दीपक पारीक, यशपाल, सुभाष सुथार, नेतराम, सोहनलाल सोनी, राजेश पारीक, लीलूराम कस्वां, चन्द्रपाल, कुलदीप, गुरबाज, नत्थूराम सिहाग, चानण, पवन पूनिया, राममूर्ति, गोपीराम सुथार, सतीश खोथ सहित कई अन्य संविदा कार्मिक मौजूद रहे।
