
जिला कलेक्टर, विधायक व उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपकर फुल टाइम नियुक्ति एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की अपील
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) राजकीय आयुर्वेद औषधालयों में कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर डॉ खुशाल यादव, विधायक गणेशराज बंसल व आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ तीर्थ कुमार शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संविदा कैडर-2022 में शामिल किए जाने, फुल टाइम नियुक्ति देने तथा मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग की। अखिल राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ (पंजीकृत) के बैनर तले दिए गए ज्ञापन में योग प्रशिक्षकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखते हुए राज्य सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। ज्ञापन में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है और आज विश्वभर में योग के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। इसी क्रम में राजस्थान में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जुलाई 2021 में राजकीय आयुर्वेद औषधालयों (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) पर महिला एवं पुरुष योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 3700 महिला एवं पुरुष योग प्रशिक्षक कार्यरत हैं, जो प्रतिदिन औषधालय, पंचायत तथा विद्यालय स्तर पर योग प्रशिक्षण देकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। योग प्रशिक्षकों ने कहा कि वे केवल योगाभ्यास ही नहीं करा रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने, रोगों की रोकथाम और निरोगी जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार भी योग के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और हाल ही में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजस्थान ने संगम पोर्टल के माध्यम से सर्वाधिक योगाभ्यास करवाकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि में योग प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि योग प्रशिक्षकों को वर्तमान में बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है। महिला योग प्रशिक्षकों को 5000 रुपये तथा पुरुष योग प्रशिक्षकों को 8000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। बढ़ती महंगाई और आर्थिक जिम्मेदारियों के बीच यह राशि पर्याप्त नहीं है। ऐसे में योग प्रशिक्षकों को आर्थिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मांग की कि राजकीय आयुर्वेद औषधालयों में कार्यरत योग प्रशिक्षकों को संविदा कैडर-2022 में शामिल किया जाए, उन्हें फुल टाइम कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा मानदेय में उचित वृद्धि की जाए। इससे योग प्रशिक्षकों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अधिक समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे सकेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में निवर्तमान पार्षद प्रमोद कुमार सोनी, महेंद्र शर्मा, मुकेश सैन, हेमलता कंवर, कविता, इंद्रसैन, राजेंद्र राठौड़, ईशा शर्मा, इमरान खान, मंजू, विद्या, संदीप, हरचंद, सुरेश, सुबो बाई, नंद किशोर, लक्ष्मी तथा राजपाल सहित अनेक योग प्रशिक्षक शामिल रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र उचित निर्णय लेगी।
