
समस्याओं के समाधान की मांग, 24 जून से कार्य बहिष्कार व धरने की दी चेतावनी
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सोमवार को सहकारी समिति कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तथा जिला कलेक्टर और हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक प्रबंधन के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने समितियों से जुड़ी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर 24 जून से कार्य बहिष्कार, धरना एवं प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी। ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के तहत ई-पैक्स घोषित करने, ऑन सिस्टम ऑडिट करवाने तथा शत-प्रतिशत डे-एण्ड करने के लिए समितियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि राजस्थान सहकारी अधिनियम के अनुसार समितियों को ऑडिट करवाने के लिए 30 सितम्बर तक का समय प्राप्त है, इसलिए जल्दबाजी में कार्रवाई की चेतावनी देना उचित नहीं है। यूनियन ने मांग की कि प्रत्येक ग्राम सेवा सहकारी समिति में प्रशिक्षित कम्प्यूटर ऑपरेटर भेजे जाएं तथा ईआरपी सिस्टम और पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए ताकि कर्मचारियों को तकनीकी समस्याओं से राहत मिल सके। कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि जिन समितियों का डे-एण्ड पहले ही कर दिया गया है, उन्हें पुनः खोला जाए ताकि शेष प्रविष्टियां दर्ज की जा सकें। ज्ञापन में वर्ष 2013 से मार्च 2026 तक समितियों पर लगाए गए ब्याज की पुनर्गणना कराने की मांग भी की गई। यूनियन का कहना है कि समितियों द्वारा की गई गणना और बैंक द्वारा लगाए गए ब्याज में अंतर पाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों और समितियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा बैंक और यूनियन के बीच पूर्व में हुए समझौतों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग भी रखी गई। कर्मचारियों ने बताया कि राज्य सरकार से प्राप्त ब्याज राशि को समितियों के बचत खातों में जमा नहीं कर अवधिपार ब्याज खाते में समायोजित किया गया है, जिसके कारण समिति कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अपेक्स बैंक के निर्देशों के अनुरूप राशि समितियों के बचत खातों में जमा करवाने की मांग की। यूनियन ने यह भी मांग रखी कि जिन समितियों की एफआईजी आईडी बंद कर दी गई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से पुनः चालू किया जाए ताकि किसानों को अवधिपार ब्याज के अतिरिक्त भार से बचाया जा सके। साथ ही पटवारियों को निर्देश जारी कर ग्राम सेवा सहकारी समितियों का बकाया नहीं होने का प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना इंतकाल दर्ज नहीं करने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 24 जून से प्रदेशव्यापी आंदोलन, कार्य बहिष्कार, धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बैंक प्रशासन की होगी। इस मौके पर रमेश ढाका, राजेंद्र सिंह, सायर सिंह, गुरसेवक सिंह, मुकेश बेनीवाल, अशोक पूनिया, दीप सिंह, राधेश्याम, भूपेंद्र सिंह, प्रिंस कुमार, ओमप्रकाश तरार एवं हरेंद्र झिंझा सहित राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
