
803 पंजीकरणों के ऑडिट और दोषियों पर कार्रवाई की मांग, कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) जिला कांग्रेस कमेटी ने जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान हुए कथित फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस मांग के संबंध में डीसीसी अध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला कलक्टर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भिजवाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) जयपुर से प्राप्त जानकारी के आधार पर कुछ फर्मांे और आढ़तियों के बीच संबंध सामने आने से गेहूं खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की आशंका उत्पन्न हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि जिले में हुए 803 पंजीकरणों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाए, ताकि किसानों के साथ हुए कथित भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके। जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में एक ही बैंक खाते से अलग-अलग डुप्लीकेट गिरदावरियों और कथित नकली दस्तावेजों के आधार पर गेहूं खरीद की गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों को चिन्हित किया जाए और किसानों को जागरूकता एवं राहत प्रदान की जाए। साथ ही जांच के दौरान यह पता लगाया जाए कि संबंधित फर्मांे ने विभिन्न मंडियों और एजेंसियों के माध्यम से कितनी बार गेहूं खरीद कर अनुचित लाभ अर्जित किया। यह भी जांच का विषय बनाया जाए कि शहरी क्षेत्र की फर्मांे को ग्रामीण क्षेत्रों में खरीद की अनुमति किस आधार पर प्रदान की गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह एक संगठित नेटवर्क का मामला हो सकता है, जिसमें मंडी समिति के कुछ अधिकारियों, एजेंसियों और आढ़तियों की मिलीभगत से किसानों का नुकसान किया गया। पार्टी ने पूरे प्रकरण की पिछले पांच वर्षांे की ऑडिट जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिन फर्मांे को निर्धारित मांग से अधिक बारदाना आवंटित किया गया अथवा जिनकी ओर से निर्धारित मात्रा से अधिक गेहूं खरीदा या बेचा गया, उनकी भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो और किसानों का विश्वास कायम रह सके। इस मौके पर गुरदीप चहल, मनमोहन सोनी, करणी सिंह, रोहित स्वामी, गुरलाल सिंह, शाहरूख कुरैशी, विजय टाक, गंगाराम, रामचन्द्र चौधरी, आमिर खान, नरपतराम, जयराम ढूकिया, सुरेन्द्र प्रसाद खटीक, मोहनलाल इंदलिया, गुरप्रीत सिंह, जयवीर, अनूप चौधरी, विजय अमलानी, जयपाल गिरी, मनोज, पीयूष, अंकुश सहारण सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
