
श्रीगंगानग (भटनेर एक्सप्रेस) चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा संविदा नर्सेज की सेवाएं समाप्त किए जाने के फैसले से आहत होकर एक नर्सिंग कर्मी दीपक द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त करने की घटना ने पूरे जिले के नर्सिंग समुदाय को झकझोर दिया है। इस घटना के विरोध में श्रीगंगानगर में राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के बैनर तले आज जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट पर गेट मीटिंग कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। एसोसिएशन के सदस्यों ने राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे आंदोलन का पूरा समर्थन जताते हुए दीपक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही संविदा सेवा से हटाए गए सभी नर्सेज की सेवाएं तुरंत बहाल करने, वर्तमान में संविदा पर कार्यरत नर्सेज को आगामी नर्सिंग भर्ती में मेरिट के साथ बोनस अंक देकर प्राथमिकता देने और चिकित्सा विभाग में संविदा प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से नर्सेज की भर्ती पर पूर्ण रोक लगाने की मांग रखी।मीटिंग को संबोधित करते एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रविन्द्र शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार सिहाग ने कहा कि दीपक की मौत एक चेतावनी है। यदि राज्य सरकार समय रहते इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती तो आंदोलन और तेज होगा।

उन्होंने कहा-नर्सेज पूरे प्रदेश में इन मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। दीपक के परिवार को न्याय दिलाना हमारा नैतिक दायित्व है। राज्य सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए। श्रीगंगानगर जिले के नर्सेजों ने स्पष्ट किया कि प्रदेशव्यापी आह्वान पर जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की रूपरेखा और सख्त की जाएगी। गेट मीटिंग में काफी संख्या में नर्सेज उपस्थित रहे। इनमें शैलेंद्र शर्मा, राकेशकुमार, देवेंद्र छाबड़ा, प्रह्लाद, प्रदीप, गुरुप्रेम, विनोद, कुलविंदरसिंह, अंकित, संतोष कुमार, राजेश, रजनीश, भूपिंदर, बुद्धप्रकाश, सुभाष सिहाग, मैनपाल वर्मा, संतोषकुमारी, राजकुमारी, नेहा, प्रिया, वीरबाला, अमरजीतकौर, हरप्रीतकौर, लक्की स्वामी, सोमा रानी सहित अनेक नर्सेज शामिल थे।
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