
स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग पर तीन दिवसीय ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के योग एवं तत्त्व विभाग तथा तत्त्व मानसिक स्वास्थ्य एवं योग क्लब के तत्वावधान में योग फॉर हेल्दी एजिंग (योग के जरिए स्वस्थ वृद्धावस्था) विषय पर तीन दिवसीय ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित वृद्धावस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन का भी सशक्त आधार है। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और समाज में जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं। व्याख्यान श्रृंखला के प्रथम दिवस महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के योगिक विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. असेम जयंती देवी ने द साइंस ऑफ योगा फॉर लॉन्गेविटी एंड ग्रेसफुल एजिंग विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने योग के वैज्ञानिक आधार तथा दीर्घायु एवं स्वस्थ वृद्धावस्था में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। द्वितीय दिवस अमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा के भारतीय चिकित्सा पद्धति संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह ने भगवद्गीता के स्वस्थ वृद्धावस्था संबंधी दृष्टिकोण विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता में वर्णित जीवन मूल्य, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। श्रृंखला के तृतीय एवं समापन दिवस शूलिनी विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) के योगानंद स्कूल ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड हैप्पीनेस के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. निधीश यादव ने योग एवं आयुर्वेद में पुनरुत्थान विषय पर व्याख्यान देते हुए शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक पुनरुत्थान के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अभिषेक सांचोरा ने बताया कि व्याख्यान श्रृंखला के माध्यम से विद्यार्थियों को योग, आयुर्वेद एवं आध्यात्मिक ज्ञान के विविध आयामों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. प्रियंका जोशी ने कहा कि योग विभाग की ओर से आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों से सीधे संवाद एवं नवीन जानकारियां प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनके शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होती है तथा व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के संचालन में सह-समन्वयक डॉ. कृष्णकांत नागरगोजे, अरविंद सिंह रावत एवं अतुल बंगवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
