
जयपुर। केंद्रीय वित् मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम का वादा किया था। इसको लेकर कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने कहा था कि ऐसा मत करो। अब कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो रिलीज करते हुए इस स्कीम पर अभी बात करने को प्री-मैच्योर माना है। निर्मला सीतारमण ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। सीतारमण ने कहा-सिर्फ चुनाव के लिए वादे करना, जनता को गुमराह करना। वोट लेना और उसके बाद भूल जाना। इसमें कांग्रेस पार्टी माहिर है। एक उदाहरण रखना चाहती हूं, जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने एक गलत और नामुमकिन वादा किया और उसे इंह्रश्वलीमेंट करने का वादा किया। उस समय उनकी पार्टी के सीनियर लोगों ने भी कहा था, ऐसा मत करो। वो नई पेंशन स्कीम को छोडक़र पुरानी पेंशन स्कीम में चले गए। उन्हें देखकर कांग्रेस ने हिमाचल में भी ये ही वादा किया और वहां भी चुनाव जीत लिया। पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने के बाद गहलोत बोलते हैं कि जो पैसा न्यू पेंशन स्कीम के तहत केंद्र में गया, उसको वापस करो। ये पैसा सरकार को वापस नहीं होता। ये काम करने वाले लोगों का पैसा है, जो हर वर्कर को जाएगा। अभी कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो रिलीज किया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व वित मंत्री ने ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर कहा कि केंद्र ने फाइनेंस सेक्रेटरी के नेतृत्व में कमेटी बनाई है, उसकी रिपोर्ट आने दीजिए। अभी इस पर बात करना प्री-मैच्योर होगा। अगर वो प्री-मैच्योर अब मानते हैं तो क्यों उनकी राजस्थान की गहलोत सरकार को सुझाव नहीं दिया कि गलत है आप, ऐसा मत करो। जनता से बात करना, उनके विषय को उठाना, विषय उठाने के बाद सता में बैठना, फिर भूल जाना। ये कांग्रेस का रवैया है, हमारा नहीं। इससे पहले वित् मंत्री निर्मला सीतारमण राजस्थान चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की ओर से आयोजित प्रबुद्ध जन समेलन में शामिल हुईं। समेलन को संबोधित करते वित् मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 से पहले देश होप लेस था। पिछले 10 सालों में देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के साथ आगे बढ़ा है। आज निराशा नहीं है, अब लोगों को आशा है। हर तरफ सकारात्मकता है। अंतिम तिमाही में अर्थव्यवस्था ने 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई हजो कि अपने आप में रिकॉर्ड है। यह बताता है कि भारतीय किस गति से ग्रोथ करना चाहता है। जीएसटी आने के बाद हर महीने चार्टर्ड अकाउंटेंट और प्रोफेशनल्स को इंतजार रहता है कि इस महीने जीएसटी का कलेशन या रहा। उन्होंने कहा कि अभी हमने जो संकल्प पत्र जारी किया है, उसमें भी हमने रिफॉर्स की बात कही है। समेलन में दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया, द इंस्टीट्यूट कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री, टैस कंसल्टेंट्स, इनकम टैस डिपार्टमेंट, जयपुर सिटीजन फोरम, यूथ विंग ऑफ सीआईआई और टीआईई राजस्थान के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
