
गौशाला को बदनाम करने और गौ-भक्तों को प्रताडि़त करने के भी लगाए आरोप
हनुमानगढ़। कथित झूठे मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराने तथा षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर ग्राम पंचायत धोलीपाल के ग्रामीणों ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। कुलविन्द्र ढिल्लों के नेतृत्व में एसपी से मिले ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में राजनीतिक द्वेषता और व्यक्तिगत रंजिश के चलते कुछ लोगों की ओर से मनगढ़ंत आरोप लगाकर निर्दोष लोगों को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। कुलविन्द्र ढिल्लों के अनुसार पिछले कई महीनों से ग्राम पंचायत धोलीपाल में कथित भ्रष्टाचार, स्वामित्व नक्शों में प्लॉटों के नामों में हेराफेरी तथा राजकीय धन के दुरुपयोग के मामलों को ग्रामीण उठा रहे हैं। इन मामलों की जांच को प्रभावित करने और दबाव बनाने के लिए कुछ व्यक्तियों की ओर से साजिश रची जा रही है। एक ग्रामीण विशेष को पहले भी झूठे एससीएसटी प्रकरण में फंसाने का प्रयास किया गया था, जिसकी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग उक्त ग्रामीण के पास सुरक्षित है और पुलिस को भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। संबंधित घटना के समय उक्त ग्रामीण गांव और घटनास्थल पर मौजूद नहीं था तथा इसके समर्थन में उसके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। इसके बावजूद उसके खिलाफ जानलेवा हमले और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने तथा गांव में भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की। वहीं एक अन्य ज्ञापन में धोलीपाल निवासी एवं गौ-भक्त बिन्दु पूनिया ने आरोप लगाया कि गांव में रास्ते के विवाद की आड़ में कुछ लोग स्थानीय गौशाला को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्ञापन में दीपाराम मूंड और बलराम पूनिया पर पुरानी रंजिश के चलते गौशाला और उससे जुड़े लोगों को निशाना बनाने के आरोप लगाए गए हैं। बिन्दु पूनिया ने आरोप लगाया कि कुछ वर्ष पूर्व भी गौशाला को खाली करवाने की धमकियां दी गई थीं और अब उसी रंजिश के चलते गौ-सेवकों को परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित बीट कांस्टेबल एकतरफा कार्रवाई कर रहा है तथा गौशाला से जुड़े लोगों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों और गौ-भक्तों ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, कथित पुलिस प्रताडऩा पर रोक लगाने तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है। इस मौके पर आशीष शर्मा, अश्विनी पूनिया, विकास सहारण, गोरासिंह, रामचन्द्र, देवीलाल, प्रदीप, जरनैल सिंह, अरविन्द, सादुल सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
