
स्थानांतरण नीति, पदोन्नति, टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने और विद्यालयों में संसाधन बढ़ाने की मांग
हनुमानगढ़। राजस्थान शिक्षक संघ जिला शाखा के नेतृत्व में गुरुवार को शिक्षकों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन कर प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई। इस दौरान शिक्षा मंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संघ ने वर्ष 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण पर लगी रोक हटाने तथा लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की। साथ ही सभी संवर्गांे के लिए स्थायी एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू कर नियमित तबादले करने की आवश्यकता जताई गई। संघ ने पे-प्रोटेक्शन के नाम पर की जा रही कथित वित्तीय वसूली पर रोक लगाने, शैक्षिक कैलेंडर को व्यावहारिक बनाने, ग्रीष्मकालीन अवकाश पूर्ववत लागू करने तथा विद्यार्थियों के ट्रांसपोर्ट वाउचर का लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग भी रखी। ज्ञापन में प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त शिक्षकीय स्टाफ, बिजली-पानी और कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रत्येक विद्यालय में नियमित सफाई कर्मचारी नियुक्त करने तथा लंबित डीपीसी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की गई। इसके अलावा नवक्रमोन्नत विद्यालयों में नए पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने तथा हिंदी और अंग्रेजी विषयों के व्याख्याता पद सृजित करने की भी मांग उठाई गई। राजस्थान शिक्षक संघ ने नवचयनित शारीरिक शिक्षकों (पीटीआई) के स्थायीकरण, आरजीएचएस योजना को बिना कटौती जारी रखने, सातवें वेतन आयोग से जुड़ी विसंगतियों का समाधान करने तथा संविदा भर्ती पर रोक लगाकर विभिन्न श्रेणियों के संविदाकर्मियों को स्थायी करने की मांग भी रखी। साथ ही पुरानी पेंशन योजना में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करने की मांग दोहराई गई। संघ जिलाध्यक्ष जगनंदन सिंह ने बताया कि इन मांगों को लेकर पूर्व में भी ब्लॉक एवं जिला स्तर पर कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भिजवाकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। इस मौके पर सोहन सिंह, सुरेंद्र सहारण, राजेंद्र सक्सेना, सतीश चोपड़ा, अजय बिश्नोई, गुरसेवक सिंह, मनसाराम, कर्मचंद, साहबराम भादू, कुलविन्द्र सिंह, गुलशन, अनिल, जितेंद्र कुमार, संजय स्वामी, कुलविन्द्र कौर, सुमन, देवेन्द्र सिंह, सुखमन सिंह, प्रदीप जिन्दल, रजीराम, दारा सिंह एवं जयपाल सोनी मौजूद रहे।
