
अधूरे नालों का निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग, 30 जून को शहरी सेवा शिविर में सौंपेंगे ज्ञापन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) मानसून की दस्तक से पहले ही टाउन की मुखर्जी कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के नाले लंबे समय से गंदगी और सिल्ट से जाम पड़े होने के कारण बरसाती पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इससे मुखर्जी कॉलोनी, एचएच एरिया, बैंक कॉलोनी और पुलिस कॉलोनी में जलभराव का खतरा मंडरा रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज चारों क्षेत्रों के नागरिक शनिवार को मुखर्जी कॉलोनी में एकत्रित हुए और नगर परिषद प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व पार्षद हरीप्रकाश खदरिया ने कहा कि मुखर्जी कॉलोनी के अधिकांश नालों की लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई है। नाले जगह-जगह सिल्ट, प्लास्टिक और कचरे से अटे पड़े हैं, जिससे पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी बदहाल है और कई दिनों तक सफाई कर्मचारी नजर नहीं आते। नगर परिषद अधिकारियों को कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि हल्की बारिश होने पर भी एचएच एरिया, बैंक कॉलोनी और पुलिस कॉलोनी में पानी भर जाता है। बरसाती पानी की निकासी होने में करीब दस घंटे तक का समय लग जाता है। कई बार पानी लोगों के घरों में घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान खराब होने के साथ-साथ लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। खदरिया ने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान केवल नालों की सफाई से नहीं होगा, बल्कि वर्षांे से अधूरे पड़े दो प्रमुख नालों का निर्माण कार्य पूरा करना भी जरूरी है। पहला नाला धानमंडी से मुखर्जी कॉलोनी तक है, जिसका कुछ हिस्सा अभी भी अधूरा है और अपेक्षाकृत कम लागत में पूरा किया जा सकता है।

दूसरा नाला बाइपास स्थित बेनीवाल हॉस्पिटल की ओर है। इस नाले का निर्माण करीब सात वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन आधा अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद इसका कोई लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल रहा। रमेश डाबला ने कहा कि मानसून शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है, लेकिन नगर परिषद ने अभी तक पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की है। मुखर्जी कॉलोनी से आसपास के कई इलाकों का बरसाती पानी गुजरता है, लेकिन जाम नालों के कारण पूरे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन जाती है। नालों में जमा गंदगी से दुर्गंध फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। एडवोकेट संजीव जैन ने कहा कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द नालों की सफाई नहीं करवाई और अधूरे नालों के निर्माण को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए ताकि लोगों को हर वर्ष होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। क्षेत्रवासियों ने बताया कि वे 30 जून को नगर परिषद कार्यालय में आयोजित शहरी सेवा शिविर में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नालों की तत्काल सफाई, अधूरे नालों का निर्माण पूरा कराने तथा मानसून से पहले प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।
