
श्री गंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) सूरतगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर सब-जेल के पास लगातार हो रहे सड़क हादसों की शृंखला में एक और दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।कल शाम को इसी जगह पर एक ट्रॉले की चपेट में आने से 14 वर्षीय किशोर की मौके पर मौत हो गई जबकि उसका नाना गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के विरोध में आज स्थानीय लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया और अंडरपास बनाने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। भाजपा नेता राकेश बिश्नोई, नवनीत मुंजाल और प्रमोद ज्याणी के नेतृत्व में आक्रोशित नागरिक सब-जेल के पास पहुंचे। उन्होंने हाईवे पर टायर जलाए और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि सब-जेल के पीछे वाले क्षेत्र को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से जोड़ने वाले रास्ते पर सुरक्षित अंडरपास का निर्माण जरूरी है। उनका कहना था कि बिना अंडरपास के हादसे रुकने वाले नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि खेजड़ी मंदिर चौराहे से डिग्री कॉलेज तक के इस खंड पर पहले भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। पैदल यातायात के लिए कोई सुरक्षित क्रॉसिंग न होने के कारण लोग मजबूरन सीधे हाईवे पार करते हैं जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। आज जाम की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस और तहसीलदार विनोद कड़वासरा मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बावजूद लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बीकानेर स्थित एनएचएआई के एक्सईएन हनुमान रत्नू से संपर्क किया। धिकारियों की ओर से भेजे गए पत्र में साफ कहा गया कि 10 दिन के अंदर हाईवे के दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाई जाएगी। साथ ही सोमवार को उपखंड कार्यालय में बैठक आयोजित कर अंडरपास का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा। हसीलदार ने यह पत्र मौके पर पढ़कर सुनाया जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब एक बजे जाम समाप्त कर दिया।लगभग ढाई घंटे तक हाईवे बंद रहने से दोनों ओर ट्रकों समेत सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं जिन्हें बाद में पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों ने सुचारु रूप से निकाला। प्रदर्शन के दौरान मनोज जांगू, सीताराम प्रजापत, राजेंद्र स्वामी, विक्रमसिंह, सुभाष सेन, सोनू मेघवाल, सिकंदरसिंह, गिरधारी भोभरिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को उजागर किया है। सूरतगढ़ के व्यस्त एनएच-62 पर पैदल यातायात के लिए सुरक्षित अंडरपास अब विलंबित जरूरत नहीं बल्कि तत्काल आवश्यकता बन चुकी है।
