
एसआईटी गठित, नित नए खुलासे जारी
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) श्रीगंगानगर में 13-14 वर्ष की एक किशोरी को बहला-फुसलाकर होटलों में जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलने के बेहद चर्चित मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और अन्य सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, सदर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ मार्ग पर स्थित एक गांव की रहने वाली यह किशोरी 18 जून की सुबह अपनी मां के काम पर चले जाने के बाद बिना कुछ बताए घर से निकल गई। वह बस से श्रीबिजयनगर पहुंची, जहां उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर पहले से जान-पहचान वाले युवक गुरुपालसिंह उर्फ गुरी(18) से हुई। इस युवक को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक इस मामले में एक होटल मालिक, दो होटल मैनेजर, एक ई-रिक्शा चालक तथा किशोरी से दुष्कर्म करने वाले चार आरोपियों समेत कुल 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कम से कम पांच और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
दलाल के मार्फत होटल में पहुंची पुलिस ⏩ प्राप्त जानकारी के अनुसार जब किशोरी चार दिन तक घर नहीं लौटी तो उसकी मां 22 जून को सदर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। सदर थाना पुलिस ने बड़ी होशियारी और सूझबूझ का परिचय देते हुए किशोरी को सुखाड़ियानगर मार्ग पर जिंदल नर्सिंग होम के सामने स्थित होटल जॉय इन में दस्तयाब कर लिया। पुलिस को इस होटल तक पहुंचने में एक दलाल ने मदद की, जो इस किशोरी की सात हजार रुपये में बुकिंग कर रहा था। पुलिस ने एक प्राइवेट व्यक्ति के माध्यम से दलाल को ऑनलाइन यह रकम पहुंचाई, जिससे दलाल का मोबाइल नंबर हासिल हो गया। बुकिंग के साथ समय भी तय हो गया कि किशोरी किस होटल के कमरे में कब उपलब्ध रहेगी। उसी समय पुलिस ने होटल जॉय इन से किशोरी को बरामद कर लिया।
होटल या वेश्यावृत्ति के अड्डे ⏩ पुलिस द्वारा पूछताछ और जांच आगे बढ़ाने पर शहर के कई ऐसे होटलों का काला सच सामने आया जो लगा कि यह होटल के नाम पर ही जिस्मफरोशी के धंधे के लिए खोले गए हैं। इनमें होटल जैसा कुछ नहीं है, बस कुछ कमरे हैं और मैनेजर या केयरटेकर मौजूद रहता है। ऐसे होटलों में ठहरने वाले लोगों की कभी-कभार ही रजिस्टर में आईडी प्रूफ सहित एंट्री की जाती है।विगत 18 जून को किशोरी श्रीविजयनगर अपने इंस्टाग्राम फ्रेंड से मिलने पहुंची थी। वह शाम लगभग सात बजे तक वहां रही। बताया जाता है कि किशोरी वहीं रुकना चाहती थी, लेकिन उसके फ्रेंड ने किसी तरह समझा-बुझाकर उसे वापस गंगानगर जाने के लिए बस में बिठा दिया। वह रात लगभग साढ़े दस बजे श्रीगंगानगर पहुंची। बस अड्डे के पास से वह रामबाबू (27) निवासी गणगौरनगर, हाल सहयोग नगर गली नंबर 3, नजदीक बसंती चौक के ई-रिक्शा में बैठी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक किशोरी तब अपने घर नहीं जाना चाहती थी और उसने ई-रिक्शा चालक से कहा कि वह उसे किसी भी होटल में छोड़ दे। रामबाबू उसे होटल जॉय इन में ले गया, जहां मैनेजर सह केयरटेकर मयंक (20) निवासी गली नंबर 6, इंदिरा कॉलोनी मौजूद था। उसने बिना कोई आईडी प्रूफ लिए किशोरी को कमरे में जाने दिया। रामबाबू भी उसके कमरे में चला गया और सुबह लगभग चार बजे इस होटल से निकला और ई-रिक्शा लेकर चला गया। सूत्रों का कहना है कि रामबाबू तब तक कमरे में किशोरी के साथ था।
व्हाट्सएप पर फोटो भेज कर बुकिंग ⏩ इसके अगले दिन 19 जून को भी किशोरी इसी होटल में रही। इसी दिन होटल के संचालक हरदीपसिंह (38) निवासी करणी मार्ग और केयरटेकर मयंक ने इस किशोरी को बहला-फुसलाकर कथित रूप से जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। इन्होंने किशोरी की तस्वीर उन लोगों को व्हाट्सएप पर भेजनी शुरू कर दी जो ऐसी लड़कियों के शौकीन हैं। किशोरी की सात हजार रुपये में बुकिंग होने लगी और उसकी फोटो बड़ी तेजी से व्हाट्सएप के व्यक्तिगत नंबरों पर पहुंचने लगी। यह सिलसिला 22 जून की सुबह तक चलता रहा। इस दौरान किशोरी को दलाल के मार्फत बुकिंग के तहत चहल चौक के समीप होटल सैफायर में भेजा गया, जहां ग्राहक पहले से मौजूद था। होटल सैफायर के मैनेजर सचिन (18) निवासी मोटर मार्केट को गिरफ्तार किया जा चुका है। मयंक तथा हरदीपसिंह भी पकड़े जा चुके हैं।इस होटल में भी गई थी किशोरीपुलिस सूत्रों के अनुसार होटल सैफायर के अलावा इस किशोरी को रविंद्र पथ पर एक निर्माणाधीन होटल में भी बुकिंग मिलने पर भेजा गया। इस होटल का निर्माण अभी चल रहा है, कुछ कमरे तैयार हो चुके हैं और बाकी तैयार हो रहे हैं। अब इस होटल में किशोरी के साथ कुछ हुआ या नहीं, इस बारे में पुलिस अभी स्पष्ट नहीं कर रही है। पुलिस ने पहले बताया था कि यहां भी किशोरी की एक ग्राहक से मुलाकात करवाई गई थी, लेकिन अब बताया जा रहा है कि वह मुलाकात नहीं हुई थी, बल्कि किशोरी को इस होटल में ले जाया गया था। जांच जारी है।

करीब 50 लोगों को भेजी थी फोटो ⏩ विगत 19 से 22 जून की दोपहर तक इस किशोरी की तस्वीर 50 से अधिक लोगों को भेजी गई, जिसमें से 10 से 12 लोगों द्वारा बुकिंग करवाए जाने की जानकारी मिली है। इनमें से चार को पकड़ा गया है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के अनुसार अब तक पकड़े गए मयंक, हरदीपसिंह, रामबाबू, सचिन और गुरुपाल उर्फ गुरी के अलावा पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पांच व्यक्तियों को फिलहाल पुलिस बापर्दा पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से तीन या चार इस किशोरी के ग्राहक बने थे। पुलिस बाकी ग्राहकों की पहचान करने में लगी हुई है।सभी होटलों के डीवीआर जब्त किए गए हैं और फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है कि किशोरी कब इन होटलों में गई और कब बाहर निकली, इस दौरान कौन-कौन आया और बाहर गया। एक-एक व्यक्ति की जांच की जा रही है। किशोरी को फुटेज दिखाकर उसके साथ जिस्मफरोशी करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। गिरफ्तार किए गए होटल संचालक और मैनेजर के मोबाइल फोन को भी खंगाला जा रहा है। चेक किया जा रहा है कि किशोरी की फोटो किन-किन व्यक्तियों को भेजी गई और इनमें से किन-किन ने पेमेंट करके बुकिंग की थी। रकम के ट्रांजैक्शन भी जांचे जा रहे हैं। साइबर टीम इस काम पर लगी है।
पुलिस ने दलाल को दिए 7000 रुपए ⏩ जब यह किशोरी 22 जून की सुबह तक अपने घर नहीं पहुंची, इस दौरान उसकी मां उसे तलाश करती रही और अपनी जानकारी के अनुसार यहां-वहां पता लगाने में लगी रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह किशोरी अपनी मां के साथ रहती है। उसकी मां एक शिक्षण संस्थान में काम करती है, जबकि उसका पिता पंजाब में कोई काम करता है। किशोरी की बड़ी बहन अपने पिता के साथ रहती है। विगत 22 जून की सुबह मां ने सदर थाना में आकर अपनी बेटी के गायब होने के बारे में जानकारी दी। थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर सुभाषचंद्र ढील ने किशोरी के नाबालिग होने के कारण इस मामले को बड़ी गंभीरता से लिया। मां से पूछताछ करने के बाद एक पुलिस टीम को किशोरी के गांव में भेजा गया, जहां से अनेक तरह की जानकारियां सामने आईं। इसी दौरान पुलिस को अपने किसी मुखबिर से पता चला कि इसी गांव की एक किशोरी की तस्वीर कुछ लोगों के व्हाट्सएप पर पहुंची है। पुलिस ने जब यह तस्वीर लेकर मां को दिखाई तो उसने फौरन अपनी बेटी के रूप में पहचान लिया। मगर किशोरी के पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए उसे ढूंढना मुश्किल था।यहां पुलिस ने बड़ी समझदारी तथा होशियारी दिखाई। पुलिस ने अपने एक मुखबिर को तैयार किया, जिसने बुकिंग के लिए व्हाट्सएप में फोटो के साथ दिए हुए नंबर पर संपर्क किया। दलाल ने सात हजार रुपये का ट्रांजैक्शन करने के लिए कहा। जब यह घटनाक्रम चल रहा था, तब पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव जिला स्तरीय मासिक अपराध समीक्षा बैठक कर रहे थे। इसी दौरान जब जानकारी आई कि किशोरी की सात हजार रुपये में बुकिंग हो रही है, तो फौरन पुलिस ने यह राशि तुरंत अपने मुखबिर को दी और उसने बुकिंग कर ली। बुकिंग होने के बाद दलाल द्वारा बताया गया कि किशोरी दो घंटे बाद होटल जॉय इन में मिल जाएगी। वहां से पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया।
केस दर्ज होते ही पुलिस सक्रिय हुई ⏩ इसके बाद किशोरी से पूछताछ की गई तो मामला बहुत ही चौंकाने वाला तथा होटलों के काले सच को उजागर करने वाला निकला। इसकी गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने तुरंत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पीड़ित किशोरी की मां द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर महिला थाना में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच डीएसपी (महिला अत्याचार एवं अन्वेषण) कैलाशदान देथा को सौंपी गई। उसी रात पुलिस ने होटलों पर छापे मारकर डीवीआर जब्त कर लिए और कुछ व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।अब पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपककुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(महिला अपराध एवं अन्वेषण) श्रीमती नीलम चौधरी को सुपरविजन का दायित्व सौंपा गया है। एसआईटी में डीएसपी कैलाशदान के अलावा शहर के कुछ थानों के प्रभारी डीएसटी और साइबर तथा एफएसएल टीम को शामिल किया गया है। जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों तथा ग्राहकों की पहचान करने में जुटी हुई है।
