
1 जुलाई को पंचायत समिति मुख्यालयों पर प्रदर्शन, 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन का ऐलान
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक रविवार को किसान भवन, हनुमानगढ़ में राज्य अध्यक्ष कामरेड़ दुर्गा स्वामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय कमेटी की ओर से डॉ. विक्रम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में बदलाव कर 1 जुलाई से लागू किए जा रहे वीबीआरएमजी (VBRMG) व्यवस्था का पूरे प्रदेश में विरोध किया जाएगा। यूनियन नेताओं का आरोप है कि मांग आधारित रोजगार की गारंटी देने वाले मनरेगा कानून को कमजोर कर आम ग्रामीण मजदूरों के रोजगार पर संकट खड़ा किया जा रहा है।बैठक में तय किया गया कि 1 जुलाई को राजस्थान के सभी पंचायत समिति मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर वीबीआरएमजी व्यवस्था को वापस लेने, मनरेगा को पूर्व व्यवस्था के अनुसार प्रभावी रूप से संचालित करने तथा ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के नाम पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग उठाई जाएगी। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के खर्च स्थानीय नागरिकों से वसूलने की प्रस्तावित व्यवस्था का भी विरोध किया जाएगा।यूनियन ने आगामी 10 अगस्त को पूरे देश में जेल भरो आंदोलन चलाने की घोषणा भी की। नेताओं ने बताया कि इस आंदोलन के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने, मनरेगा को प्रभावी रूप से बहाल करने तथा आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। यूनियन का दावा है कि देशभर में लाखों खेत मजदूर एवं ग्रामीण श्रमिक इस आंदोलन में भाग लेकर मजदूर एवं किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी गिरफ्तारी देंगे।बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर, खेत मजदूर और किसान संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन को ऐतिहासिक बनाया जाए, ताकि सरकार तक मजदूरों की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंच सके।बैठक में राज्य महासचिव रामरतन बगड़िया, रघुवीर सिंह वर्मा, पूरन सिंह, बजरंग छीपा, मनीराम, जगजीत सिंह जग्गी, प्रहलाद, बहलोल नगर, हेमाराम, मेवाराम, पुष्पा शाक्य, नरेंद्र ढाका, शाहिद सहित बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
