
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ आयोजन, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
हनुमानगढ़(भटनेर एक्सप्रेस) जिले के संगरिया कस्बे में पंडित रामचंद्र शास्त्री स्मृति जनमंगल प्रन्यास द्वारा श्री राम पंचायती मंदिर के मुख्य मार्ग पर नवनिर्मित स्मृति द्वार का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। यह स्मृति द्वार शास्त्री परिवार संगरिया की ओर से निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रन्यास अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में पंडित दयानंद जी शास्त्री के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, शांति पाठ एवं मंगलाचरण के साथ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर शास्त्री परिवार के सदस्य, प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश शर्मा, पंडित दयानंद जी शास्त्री, एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सुखवीर सिंह सिद्धू, मंदिर संचालन समिति अध्यक्ष जगदीश जीनगर, पार्षद रामेश्वर लाल सारस्वत शास्त्री तथा डॉ. शिवकुमार शर्मा हनुमानगढ़ सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने फीता काटकर स्मृति द्वार का विधिवत लोकार्पण किया। लोकार्पण के पश्चात मंदिर प्रांगण में आयोजित सभा में सर्वप्रथम अतिथियों ने पंडित रामचंद्र शास्त्री एवं माताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रन्यास की ओर से अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। वक्ताओं ने पंडित रामचंद्र शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने संस्कृत शिक्षा, वैदिक ज्ञान, वैष्णव संस्कृति और संस्कार निर्माण के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। वक्ताओं ने बताया कि इस मंदिर में तत्कालीन बीकानेर स्टेट के महाराजाधिराज महाराजा गंगा सिंह वर्ष 1934 में पधारे थे तथा बाद में महाराजा सार्दुल सिंह भी यहां आए। महाराजा गंगा सिंह पंडित रामचंद्र शास्त्री की विद्वता से अत्यंत प्रभावित हुए और उन्हें अपनी परिषद में विधायक के समकक्ष दर्जा देकर सदस्य मनोनीत किया। संस्कृत विद्यालय को राजकीय दर्जा प्राप्त होने के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री व अन्य अधिकारी भी समय-समय पर निरीक्षण हेतु आते रहे।सभा को संबोधित करते हुए वैद्य शिवकुमार शर्मा ने कहा कि संगरिया की धरती दो महान विभूतियों—पंडित रामचंद्र शास्त्री और केशवानंद जी—से गौरवान्वित रही है। ऐसे महापुरुषों की कीर्ति उनके कार्यों के माध्यम से सदैव अमर रहती है। अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
