
एक जुलाई से काम शुरू कराने के वादे पर अमल नहीं होने से भडक़ा आक्रोश
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) ग्राम पंचायतों में आश्वासन के बावजूद मनरेगा कार्य शुरू नहीं किए जाने से नाराज मजदूरों का आक्रोश बुधवार को फूट पड़ा। राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूरों ने टाउन स्थित पंचायत समिति कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल रहीं। मजदूर पंचायत समिति कार्यालय के बाहर सडक़ पर धरने पर बैठ गए और सभा आयोजित कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब तक सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और मजदूर काम शुरू करवाकर ही धरनास्थल से उठेंगे। माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने बताया कि 25 जून को यूनियन की ओर से जिला परिषद कार्यालय का घेराव किया गया था। उस दौरान जिला परिषद प्रशासन के साथ हुई वार्ता में यह आश्वासन दिया गया था कि 1 जुलाई से सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे। लेकिन तय तारीख आने के बावजूद किसी भी ग्राम पंचायत में काम शुरू नहीं किया गया, जिससे मजदूरों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों मजदूरों का जीवन-यापन मनरेगा पर निर्भर है। कार्य शुरू नहीं होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन का वादाखिलाफी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यूनियन ने मांग की कि सभी ग्राम पंचायतों में तत्काल प्रभाव से मनरेगा कार्य शुरू किया जाए। साथ ही मनरेगा को पूर्व व्यवस्था के अनुसार बहाल रखते हुए वीबीजी राम जी व्यवस्था को वापस लिया जाए। मजदूरों को 281 रुपए प्रतिदिन की निर्धारित मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया, प्राथमिक चिकित्सा, पालना गृह सहित मनरेगा के तहत निर्धारित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
