
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) स्थानीय चहल चौक के समीप स्थित बहुचर्चित डबल पट्टा वाले व्यावसायिक भूखंड पर कल शाम फिर से कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस दौरान तोड़फोड़ और चोरी की घटना घटी, जिसके बाद मौके पर पहुंची ।पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों के खिलाफ सदर थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नगर विकास न्यास में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का डबल पट्टा घोटाला एक बानगी बन चुका है।जवाहरनगर सेक्टर-7 निवासी पूर्व पार्षद जगदीशराय कुलचानिया (55) द्वारा दी गई लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शंकर जांगिड़, उसके पुत्र दीपक की पत्नी, सुरेश गुप्ता, वरमोलसिंह तथा तीन-चार अन्य मजदूरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर जेसीबी लेकर भूखंड में घुसने, बनी हुई चौकी तोड़ने, लगाई गई जाली तोड़ने और लगभग 3000 ईंटें की चोरी का आरोप है।जगदीशराय कुलचानिया ने पुलिस को बताया कि उसका 25 गुना 20 फुट का व्यावसायिक भूखंड चहल चौक के पास स्थित है। भूखंड पर उन्होंने जाली का गेट लगवाया हुआ था और अंदर चौकी भी बनी हुई थी। कल शाम जब सूचना मिली कि कुछ लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं, तो वह मौके पर पहुंचा। वहां शंकर जांगिड़, दीपक की पत्नी और मजदूर जेसीबी के साथ अंदर घुसे हुए थे और चौकी को तोड़ रहे थे।उस ने रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने लोहे की जाली और अन्य सामान चोरी कर ले जाने का प्रयास किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले सुरेश गुप्ता पुत्र रामनारायण और वरमोलसिंह ने भी भूखंड से सामान चुराया था।यह भूखंड लंबे समय से डबल पट्टे के विवाद में फंसा हुआ है। एक पट्टा जगदीशराय कुलचानिया के नाम है, जबकि दूसरा पट्टा महेंद्र नामक व्यक्ति को जारी किया गया था। जगदीशराय कुलचानिया ने लगातार जिला प्रशासन और राज्य स्तर तक शिकायतें कीं। जांच के बाद 13 सितंबर 2025 को प्रशासन ने जगदीशराय का पट्टा सही माना और दूसरे पट्टे को फर्जी करार दिया।

पहले भी हुई थी कब्जे की कोशिश
विगत 10 अक्टूबर 2025 को जगदीशराय कुलचानिया ने सदर थाना में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने बताया कि पड़ोसी सुरेश बंटी ने उसके भूखंड पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिस पर पुलिस ने मौखिक हिदायत दी। लेकिन उसी रात कुछ बदमाशों ने भूखंड पर टीन शैड और लोहे का गेट लगा दिया। जगदीश कुलचानिया ने 10 अक्टूबर को ही सदर थाना में प्रार्थना पत्र देकर बदमाशों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पत्र में स्थानीय भाजपा विधायक जयदीप बिहानी और पूर्व उपसभापति लक्की दावडा का भी जिक्र किया गया है। जगदीश कुलचानिया खुद भाजपा नेता है।
बाद में उन्होंने यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया।उल्लेखनीय है कि 19 जून को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राज उन्नति राज्य स्तरीय बैठक में इस डबल पट्टे मामले का जिक्र हुआ। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर विकास न्यास के सचिव अशोककुमार असीजा, सहायक अभियंता संदीप वर्मा, पटवारी रतनलाल, जितेंद्रसिंह और सुनीलकुमार सहित को निलंबित कर दिया गया। इनके खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ हो गई है।इस घटनाक्रम के बाद नगर विकास न्यास में पट्टा जारी करने में हो रहे बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार की चर्चा तेज हो गई । चूंकि मामला पहले ही मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और कई अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, इसलिए कल शाम की घटना पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच सहायक उप निरीक्षक शरीफ खान को सौंपी गई है।
