
चीप रोलिंग स्टॉक इंजीनियर ने श्रीगंगानगर में की बैठक
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) उत्तर पश्चिम रेलवे के उच्चाधिकारियों ने आज श्रीगंगानगर पहुंचकर रेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण की तैयारियों का जायजा लिया। उत्तर पश्चिम रेलवे के चीफ रोलिंग स्टॉक इंजीनियर कैप्टन शशिकिरण ने स्थानीय रेलवे अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने सीक लाइन, पिट लाइन, मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री और स्टोर सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया। साथ ही वर्तमान स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड ने हाल ही में श्रीगंगानगर में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए 174.26 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय ने इसे विशेष रेल परियोजना घोषित कर दिया है, जिससे काम तेज गति से पूरा होने की उम्मीद है। बीकानेर रेल मंडल द्वारा तैयार इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य आधुनिक रोलिंग स्टॉक खासकर एलएचबी कोच और वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना है। वर्तमान सुविधाएं मौजूदा जरूरतों को तो पूरा कर रही हैं लेकिन नई सेवाओं और आधुनिक रेकों की बढ़ती संख्या के कारण उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी।परियोजना के तहत दो 600 मीटर लंबी वाशिंग लाइन, तीन 650 मीटर लंबी स्टेबलिंग लाइन, दो पिट लाइन, एक व्हील लेथ लाइन और एक 650 मीटर लंबी इंजन एस्केप लाइन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही 120 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा एक बीमार लाइन शेड यानी सीक लाइन शेड भी विकसित किया जाएगा। वाशिंग लाइन पर पारंपरिक ओवरहेड उपकरणों के अलावा सिंक्रोनाइज्ड जैक, फोर्कलिफ्ट, इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैवलिंग क्रेन और स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट जैसी आधुनिक मशीनरी भी लगाई जाएगी।परियोजना पूरा होने पर प्रतिदिन औसतन छह अतिरिक्त रेक की रखरखाव क्षमता बढ़ जाएगी। इससे रेलवे की परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा, रेकों की आवाजाही सुगम बनेगी और श्रीगंगानगर से नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने का रास्ता खुलेगा। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की कमी को भी जल्द दूर किया जाएगा। मजबूत आधारभूत ढांचे के साथ वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन शुरू होना अब सपना नहीं बल्कि हकीकत बनने वाला है। इससे न सिर्फ यात्री सुविधा बढ़ेगी बल्कि श्रीगंगानगर और आसपास के क्षेत्रों का आर्थिक विकास भी तेज होगा। स्थानीय लोगों, किसानों, व्यापारियों और युवाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी का नया दौर शुरू होने वाला है।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विशेष परियोजना का दर्जा मिलने से निर्माण कार्य तेज गति से पूरा किया जाएगा।
