
हवन-यज्ञ के साथ हुआ समापन, घुटनों, कमर, गर्दन व गठिया के दर्द से राहत के लिए उमड़ी भीड़
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) आर्य समाज मंदिर, हनुमानगढ़ टाउन में आयोजित एक सप्ताह के निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का शुक्रवार को वैदिक हवन-यज्ञ के साथ विधिवत समापन हुआ। समापन अवसर पर आर्य समाज के विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ संपन्न करवाया तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं निरोगी जीवन की कामना की गई। सात दिनों तक चले इस शिविर में 1300 से अधिक मरीजों एवं आमजन ने विभिन्न प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार एवं स्वास्थ्य परामर्श का लाभ लिया।शिविर के दौरान घुटनों का दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, सर्वाइकल, गठिया, मोटापा तथा अन्य शारीरिक समस्याओं से पीड़ित बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार प्राप्त किया। डॉ. मनोज चंदोलिया (सर्टिफाइड कपिंग थेरेपिस्ट) एवं विक्रम मशाल (न्यूरोथेरेपिस्ट एवं सुजोक विशेषज्ञ) ने मरीजों की जांच कर प्राकृतिक चिकित्सा, कपिंग थेरेपी, सुजोक एवं अन्य वैकल्पिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से उपचार किया।

चिकित्सकों ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा अपनाकर अनेक मरीज ऑपरेशन जैसी स्थिति से बच सकते हैं। साथ ही नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, योग एवं प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी।शिविर के दौरान एक दिन आधुनिक मशीनों के माध्यम से हार्ट की निःशुल्क जांच भी की गई, जिसका बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया। प्रत्येक मरीज को उसकी समस्या के अनुरूप स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया।आर्य समाज मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र सोनी ने बताया कि शिविर को आमजन का अपेक्षा से अधिक सहयोग मिला। पूरे सप्ताह में 1300 से अधिक लोगों ने उपचार प्राप्त किया, जो प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को निःशुल्क विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके।शिविर के सफल संचालन में डॉक्टर मनोज चंदोलिया, डॉक्टर विक्रम मशाल, डॉक्टर नवदीप सिंह, सुभाष कुंडिया, पटेल बेनीवाल, निर्मला, वंदना आर्य, पुष्पा आर्य, वीणा नागपाल, विजय सिंघला, अध्यक्ष वीरेंद्र सोनी, मंत्री बलवंत सिंह निडर, गुरजंट सिंह, शिवराज बराड़, राजू वर्मा, तरुण वर्मा, विष्णु वर्मा, ललित, विशाल सोनी, सोनू मशाल, सहित अनेक स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग दिया। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी चिकित्सकों, सहयोगियों एवं शिविर में पहुंचे मरीजों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा के प्रति लोगों में लगातार जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे शिविर न केवल लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का भी संदेश देते हैं।
