
आरसेटी में छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के बाद आईआईबीएफ परीक्षा सम्पन्न, महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का मिलेगा दायित्व
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस)एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हनुमानगढ़ द्वारा राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परियोजना (आरजीएवीपी) के तहत स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों के लिए आयोजित “वन जीपी-वन बीसी (बैंक मित्र) प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के बाद सातवें दिन भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान (आईआईबीएफ) की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें सभी 30 प्रशिक्षणार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त की।समापन समारोह की अध्यक्षता आरसेटी के निदेशक बिधु शंकर ने की। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “वन जीपी-वन बीसी” योजना का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक प्रशिक्षित बैंक मित्र तैयार करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो सके और आमजन को सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं की सही एवं सरल जानकारी उपलब्ध हो।उन्होंने बताया कि आज भी अनेक ग्रामीण परिवार बैंकों की जनकल्याणकारी योजनाओं से केवल जानकारी के अभाव में वंचित रह जाते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित बैंक मित्र गांव-गांव जाकर लोगों को उनकी स्थानीय भाषा में बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं, डिजिटल लेन-देन, खाते खोलने, ऋण सुविधाओं तथा अन्य वित्तीय सेवाओं की जानकारी देंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।निदेशक बिधु शंकर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को संस्थान में आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्हें निःशुल्क आवास, भोजन तथा बैंकिंग से जुड़े विभिन्न विषयों का व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से बैंक मित्र की भूमिका निभा सकें।समापन समारोह में सफल प्रशिक्षणार्थियों को निदेशक बिधु शंकर, अनुदेशक मुकेश भानुशाली, अनिल राठौड़, कार्यालय सहायक गणेशराम तथा रितिक अरोड़ा ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम के अंत में आरसेटी प्रबंधन ने ग्रामीण महिलाओं से संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने की अपील की। बताया गया कि निकट भविष्य में महिलाओं के लिए ब्यूटी पार्लर एवं कम्प्यूटरीकृत अकाउंटिंग तथा पुरुषों के लिए बकरी पालन, डेयरी फार्मिंग सहित अन्य स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रशिक्षणों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिससे अधिक से अधिक युवा एवं महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
