
मानदेय बढ़ाने, नियमितीकरण सहित 19 सूत्रीय मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) आल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स के आह्वान पर शुक्रवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर काला दिवस मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधी और महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर वर्षों से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2018 से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सत्ता में आने के बाद केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रतिनिधिमंडल से हुई बैठकों में मानदेय बढ़ाने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप ग्रेच्युटी लागू करने, फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) हटाने, आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने तथा सेवा शर्तों में सुधार सहित कई आश्वासन दिए गए थे, लेकिन आज तक इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और अन्य स्कीम वर्कर्स की पूरी तरह अनदेखी की गई है। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 11 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को मात्र 4500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। उन्होंने पोषण मद में बजट बढ़ाने की पूर्व घोषणा को भी लागू नहीं करने पर नाराजगी जताई।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों और महिलाओं से जुड़े मूल कार्यों के बजाय बीएलओ ड्यूटी, सर्वे, जनगणना और अन्य विभागीय कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है। साथ ही डिजिटलाइजेशन और फेस रिकग्निशन सिस्टम के नाम पर कार्यकर्ताओं को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उन्हें ग्रेड-3 और सहायिकाओं को ग्रेड-4 सरकारी कर्मचारी के रूप में नियमित किया जाए। नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं को 41 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 35 हजार रुपये मासिक वेतन, 18 हजार रुपये मासिक पेंशन, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी, समान सेवा नियम, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा अवकाश, आधुनिक सुविधाओं से युक्त आंगनबाड़ी केंद्र, गुणवत्तापूर्ण पोषाहार, डिजिटल कार्यों के लिए टैबलेट व डेटा सुविधा तथा अन्य विभागीय कार्यों से मुक्ति देने की मांग की गई।कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।इस अवसर पर सर्वजीत कौर, मीना, संगीता, प्रियंका, रितु हिना, सुल्तान खान, रिछपाल सिंह, बीएस पेंटर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
