
गेहूं खरीद घोटाले की जांच और अटल भूजल योजना की रुकी अनुदान राशि जारी करने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में शुक्रवार को किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिससे नाराज किसान मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले गतिरोध और प्रशासन के साथ वार्ता के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

किसानों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि समर्थन मूल्य पर केवल पंजीकृत किसानों की उपज खरीदी जानी थी, लेकिन मिलीभगत के कारण बड़ी संख्या में वास्तविक किसान इसका लाभ नहीं उठा सके। इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तथा राज्य सरकार की ओर से 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस घोषित किया गया था, लेकिन अनेक किसानों को न तो समर्थन मूल्य मिला और न ही बोनस का लाभ।
भारतीय किसान यूनियन ने मांग की कि गेहूं खरीद में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने यह भी मांग की कि जिन किसानों की फसल समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी गई, उन्हें बाजार भाव के नुकसान के साथ-साथ बोनस राशि की भी भरपाई की जाए। इसके अलावा मंडियों में बिना बिके पड़े गेहूं की जांच कर किसानों को 2735 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान सुनिश्चित किया जाए।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अप्रैल माह से किसान लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं करवाई गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। किसानों ने मांग रखी कि जिन किसानों का गेहू एमएसपी पर नही बिका है, उन्हे बोनस देकर उन्हे राहत दी जाये।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अटल भूजल योजना के तहत वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में निर्मित डिग्गियों की लंबित अनुदान राशि का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। किसानों ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को लगभग तीन लाख रुपये का अनुदान मिलना था। इस भरोसे पर किसानों ने कर्ज लेकर डिग्गियों का निर्माण कराया, लेकिन आज तक उनके खातों में अनुदान की राशि नहीं पहुंची। ब्याज का बोझ लगातार बढ़ने से किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं।किसानों ने मांग की कि सभी पात्र किसानों को अनुदान राशि ब्याज सहित तत्काल जारी की जाए, ताकि वे कर्ज के बोझ से राहत पा सकें। उनका कहना था कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं और लिखित आश्वासन भी मिले, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।प्रदर्शन और धरने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह मानूका, प्रदेश सचिव रायसाहब चाहर, सुभाष मक्कसर, रविंद्र सिंह चक ज्वाला, जीकेएस जिला अध्यक्ष गगनदीप सिंह, जिला उपाध्यक्ष लखवीर सिंह, जाकिर हुसैन, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप सिंह कंग, मनप्रीत सिंह, जिला सचिव बलविंदर सिंह, सुखवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरसेवक सिंह मान, सुखप्रीत सिंह, राजवीर सिंह, गुरबख्श सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
