
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर आश्रम में राजनीतिक सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता विषयक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज की सेवा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के लिए विश्वास, आत्मविश्वास, कार्यकुशलता, चरित्र और प्रभावी संवाद सफलता की मूल पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि देश प्रथम और जनता प्रथम की भावना से किया गया कार्य ही सच्ची राजनीति है।तेलंगाना सरकार की पंचायती राज, ग्रामीण विकास, ग्रामीण जलापूर्ति एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री धनसारी अनसूया सीतक्का ने कहा कि उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर शिक्षा और आध्यात्मिकता का मार्ग अपनाया। बंदूक नहीं, शिक्षा और आध्यात्मिकता ही समाज और राष्ट्र में स्थायी परिवर्तन ला सकती है। राजनीति सेवा का माध्यम है, सत्ता का नहीं। ओम शांति रिट्रीट सेंटर, नई दिल्ली की निदेशिका आशा बहन ने कहा कि आज के नेतृत्व के लिए विश्वास, आत्मविश्वास,कार्यकुशलता, चरित्र तथा संवाद कौशल सफलता के पाँच स्तंभ हैं।ब्रह्माकुमारीज़ के महासचिव करुणा भाई ने जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे आध्यात्मिक मूल्यों को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाएं। राजनीतिक सेवा प्रभाग की अध्यक्ष लक्ष्मी ने कहा कि राजनीति का वास्तविक स्वरूप लोकमंगल और मानव सेवा है। बिहार के पूर्व मंत्री विक्रम कुंवर ने कहा कि पहले की राजनीति में आध्यात्मिकता के संस्कार अधिक थे, इसलिए समाज अधिक शांत और मूल्यनिष्ठ था। आज पुनः राजनीति को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता है। महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मण राव डोपले ने कहा कि आज राजनीति अनेक चुनौतियों से घिरी हुई है। सेवा, नैतिकता और आध्यात्मिकता ही स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशिला हैं।वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजनीति सेवा प्रभाग ऊषा बहन ने सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया।संचालन सपना बहन ने किया. रंगनाथ भाई ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
