

हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) गांव सहजीपुरा निवासी सच्ची सेवा समिति के जिम्मेवार गुरमीत सिह व सच्ची सेवा समिति के सेवादार जसवीर सिंह के पिता दिलबाग सिह आज देहदान कर अमर हो गए। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए परिजनों ने सच्चखंडवासी की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए देहदान किया। चिकित्सा रिसर्च के लिए देह इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साईंस कालेज नोएडा को दान की गई। देहदान की अमर सेवा के अवसर पर परिजन, रिश्तेदार, सग्गे संबंधी, डेरा सच्चा सौदा की राजस्थान ईकाई के सच्चे नम्र सेवादार, सच्ची सेवा समिति के सेवादार, प्रेमी समितियां, गांव के सरपंच पंच विभिन्न पंचायतों के सदस्यों सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। देहदानी के पुत्र गुरजीत सिंह ने बताया कि मेरे पिता दिलबाग सिह उम्र 82 वर्ष के सच्चखंडवासी होने पर देहदान करवाया। उन्होंने बताया कि मेरा पूरा परिवार डेरा सच्चा सौदा सिरसा का अनुयायी है और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा सत्संग में दी गयी पवित्र प्रेरणा मे विश्वास करता है। मेरे पिता ने अपने जीवन काल में चिकित्सा अनुसंधान के लिए देहदान करने की शपथ ली।बीते दिन सच्चखंडवासी होने पर चिकित्सा रिसर्च के लिए देह इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साईंस कालेज नोएडा को दान की गई। धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा की गूंज के बीच निकली देहदान के लिए निकली अंतिम यात्रा में पड़पौत्री तकदीर कौर, अमनदीप सिंह, दिलबाग सिंह, धीर सिंह, जगतार सिंह, नरेंद्र सिंह, गुरप्यार सिंह, सरपंच संदीप सिंह सहित ग्राम पंचायत के सदस्य, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सहजीपुरा ब्लॉक के विभिन्न गांव की प्रेमी समितियां, इकबाल सिंह, केवल कुमार, डा. गुरजीत सिंह, सच्चे नम्र सेवादार हिमांशु इन्सां, गोपाल इन्सां, सतीश इन्सां, मदन इन्सां, गुरप्रेम इन्सां, रुघाराम लखजीत सिंह राजेश कुमार, जगदीप सिंह गुरलाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
बेटियों ने निभाया अपना फर्ज
डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाई गई बेटा बेटी एक समान मुहिम के तहत बेटी अमरजीत कौर चरणजीत कौर, पौत्री स्वर्णजीत कौर, रमनदीप कौर, पड़पौत्री सफरीत कौर पुत्रवधू निर्मल कौर, देवेंद्र कौर ने अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।
ब्लॉक के बारहवें शरीरदानी
दिलबाग सिंह को सहजीपुरा ब्लॉक के बारहवें शरीरदानी होने का गौरव मिला है। ब्लॉक प्रेमी सेवक जगदीप सिंह ने बताया कि ब्लॉक के गांव चोहिलावाली निवासी बिशन कौर, बलवंत सिंह, श्रीकरणीसर निवासी भोल सिंह, भगवान कौर, मंगत राय, गंगागढ़ निवासी उग्र सिंह, फतेहगढ़ निवासी संपूर्ण सिंह, सहजीपुरा निवासी कुलवंत कौर, 36 एसएसडब्ल्यू निवासी जगतार सिंह, अराईयांवाली निवासी मलकीत कौर व अर्जुन सिंह इससे पूर्व देहदानी बन चुके हैं।
देहदान मानवता भलाई का सबसे बड़ा कार्य : सरपंच संदीप सिंह
डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ.गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा करवाया जा रहा देहदान मानवता भलाई का सबसे बड़ा कार्य है। देहदान के इस पुनीत कार्य से रिसर्च सेंटर में बच्चे नई तकनीक हासिल करते हैं जो भविष्य के समाज निर्माण में बड़ा कदम होती है।
जीवन के बाद भी कई लोगों को नया जीवन देने का माध्यम बनता हैं देहदान : सीएमएचओ
डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाया जा रहा देहदान अभियान समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। मानवता की सेवा के लिए देहदान और अंगदान जैसे महान कार्य जीवन के बाद भी कई लोगों को नया जीवन देने का माध्यम बनते हैं। आमजन को भी डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों से प्रेरणा लेकर देहदान और अंगदान के लिए आगे आना चाहिए। देहदान और अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। यदि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ेंगे तो अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा। राज्य सरकार की ओर से भी प्रदेशभर में अंगदान शपथ अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकाधिक लोगों को इसमें हिस्सा लेकर अंगदान की शपथ लेनी चाहिए। जिलेवासियों से अपील है कि वे स्वयं आगे आएं और दूसरों को भी इस जनहितकारी अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
डॉ. नवनीत शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, हनुमानगढ़।
