
गौमाता की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई
हनुमानगढ़। टाउन स्थित फाटक गौशाला में अमावस्या के पावन अवसर पर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना को लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गौमाता की पूजा-अर्चना की तथा हवन में आहुतियां अर्पित कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल गौमाता के विधिवत पूजन एवं आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक रीति-रिवाज से हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से यज्ञ में भाग लेते हुए धर्म, संस्कृति और गौसेवा के महत्व को आत्मसात किया।

हवन-यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में मंगतराम गोयल, मनोज सरावगी, ललिता गोयल, रेखा राजपुरोहित, पुष्पा देवी, रजत शर्मा, सरला गर्ग, सत्यनारायण राजपुरोहित, हितेष गर्ग, निर्मला पारीक, आशीष, विजय कुमार सिंगला, उर्मिला बजाज एवं अशोक कुमार ने विधिवत आहुतियां अर्पित कीं। सभी श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सामाजिक सद्भाव तथा गौसंरक्षण की भावना को और अधिक मजबूत बनाने की कामना की।
इस अवसर पर गौशाला अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने कहा कि गौशाला में समय-समय पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन गौमाता की कृपा से निरंतर किया जाता है। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था सुदृढ़ होती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। उन्होंने कहा कि गौसेवा और धार्मिक अनुष्ठान भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं तथा इनके माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गौशाला परिसर में गौमाता की सेवा भी की तथा गौसंरक्षण के लिए सहयोग का संकल्प लिया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों के लिए प्रसाद वितरण किया गया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने अमावस्या के इस पुण्य अवसर पर धर्म एवं गौसेवा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए क्षेत्र की निरंतर उन्नति और समृद्धि की मंगलकामना की।
