

135 चिकित्सा संस्थानों में चला विशेष अभियान, अधिकारियों ने की मॉनिटरिंग
हनुमानगढ़। जिले में गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग के लिए चल रहे पांच दिवसीय विशेष अभियान के दूसरे दिन गुरुवार को मातृ, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण (एमसीएचएन) दिवस पर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर अभियान की मॉनिटरिंग की तथा गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व (एएनसी) जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि अभियान के दूसरे दिन जिले के 135 राजकीय चिकित्सा संस्थानों में 3,244 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई। इनमें से 2,520 महिलाओं (77.68 प्रतिशत) का गर्भावस्था के प्रथम 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण पाया गया। जांच के दौरान 349 गर्भवती महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) श्रेणी में चिन्हित किया गया, जो कुल जांच का 10.76 प्रतिशत है। वहीं 241 हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं तीसरी तिमाही में पाई गईं, जिनका विशेष फॉलोअप एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत आशा, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन, रक्त शर्करा सहित सभी आवश्यक जांच की जा रही हैं। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की अलग से ट्रैकिंग कर नियमित फॉलोअप, दवा उपलब्धता तथा आवश्यकता पडऩे पर समय पर रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
एमसीएचएन दिवस पर विशेष मॉनिटरिंग
मातृ, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के अवसर पर चिकित्सा विभाग के जिला प्रभारी डॉ. पवन कुमार, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा, आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी सहित सभी ब्लॉक प्रभारी, बीसीएमओ, बीपीएम एवं चिकित्सा अधिकारियों ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की तथा गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. शर्मा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण, कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और अधिक कमी लाई जा सके।

