हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ लोकसभा चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान के लिए जागरूकता लाने और मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन की ओर से कई नवाचार किए गए। इसमें पहली बार पोलिंग बूथों को यूनिक, मॉडल, हरित और दिव्यांग मित्र बूथ नाम दिया गया। इसमें प्रथम 5 से 10 मतदाताओं को बैज व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। वहीं, पौधे वितरित करने के साथ ही सेल्फी पॉइंट, मॉडल बूथ पर वोटरों की स्वास्थ्य जांच की गई। कई विशेष केंद्रों पर हैप्पी ऑवर्स में नींबू पानी की भी व्यवस्था की गई। कुल 1303 मतदान केंद्रों में से 100 केंद्रों को विशेष मतदान केंद्र के तौर पर चिन्हित किया गया। इसमें प्रत्येक विधानसभा में 8-8 महिला शक्ति बूथ और युवा वोट मित्र बूथ, 1-1 मॉडल, यूनिक, हरित, दिव्यांग बूथ बनाए गए। वहीं, कई बूथों पर फीडिंग रूम की भी सुविधा दी गई।

Explainer: मतदान कम रहने के बड़े कारण
1). फसल कटाई का सीजन होने के कारण किसान वर्ग खेतों में व्यस्त है। वहीं मंडियों में गेहूं आने से व्यापारी व मजदूर वर्ग भी व्यस्त है।
2). विधानसभा और निकाय चुनाव की तरह राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं रहे। कार्यकर्ता वोटरों तक तक नहीं गए और न ही उनको वोट के लिए प्रेरित किया।
1). 99.60 प्रतिशत वोटर पर्चियां वितरित- 7 और 14 अप्रैल को आओ बूथ चले अभियान के तहत बीएलओ, आशा सहयोगिनों ने मतदाता पर्ची और मार्गदर्शिका वितरित कीं। करीब 99.60 प्रतिशत यानि 14 लाख 2 हजार 716 मतदाता पर्चियां वितरित की गईं।
2). पीले चावल बांटे- जिले में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ सहित अन्य जागरूक स्थानीय लोगों की ओर से मतदाताओं को घर-घर जाकर पीले चावल से मतदान का निमंत्रण दिया गया।
3). बच्चों से लिखवाई वोट पाती- जिले में पहली बार बच्चों से अभिभावकों के नाम वोट पाती लिखवाने का नवाचार किया गया। इसमें अभिभावकों से बच्चों ने पाती के माध्यम से मतदान अवश्य करने का आह्वान कर रिकॉर्ड बनाया गया। वहीं, कई प्रतियोगिताएं करवाई गईं।
