
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ के भादरा थाने के थानाधिकारी पर भामाशाह रफीक कुरैशी ने दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पूर्व विधायक बलवान पूनिया और भामाशाह रफीक कुरैशी ने रविवार को थाने का घेराव करने की चेतावनी दी है। मामले में भादरा थाना अधिकारी हनुमाना राम बिश्नोई ने सभी आरोपी को निराधार बताते हुए दबाव की राजनीति की बात कही है।
शुक्रवार को भामाशाह रफीक कुरैशी अपने रिश्तेदार के साथ किसी जमीन विवाद को लेकर थाने गए थे। इसी दौरान थाना अधिकारी द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार करने और उनके दिवंगत पिता के लिए अप शब्दों का प्रयोग करने की आरोप लगा है। मामले में एसपी हनुमानगढ़ विकास सांगवान को भी पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने पत्र देकर थानाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।
भामाशाह ने लगाए गंभीर आरोप
किसान भवन भादरा में इस मामले को लेकर रफीक कुरैशी ने भादरा थानाधिकारी हनुमाना राम बिश्नोई पर आरोप लगाए कि शुक्रवार शाम दो पक्षों के बीच जमीन विवाद को लेकर बीच बचाव के लिए भादरा पुलिस थाने जाने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके दिवंगत पिता के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। कुरैशी ने कहा कि थाना अधिकारी ने जिस मानसिकता के साथ उनके दिवंगत पिता के लिए जो अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया, वह अपने मुंह से बता तक नहीं सकते हैं।
पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि रफीक कुरैशी हो या अन्य जनप्रतिनिधि। थाना अधिकारी द्वारा उनके साथ किया गया अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाजी दाऊद कुरैशी जहां दो बार नगर पालिका अध्यक्ष रहे। उनकी पत्नी भी पालिका अध्यक्ष रह चुकी हैं। हाजी साहब द्वारा क्षेत्र में चाहे पुलिस थाना, कब्रिस्तान, गौशाला या सामाजिक संस्था हो उनके द्वारा दिया गया दान और सहयोग भुलाया नहीं जा सकता है। पूनिया ने कहा कि रविवार को सुबह 10 बजे एक विशाल सभा होगी। जिसमें हजारों लोग पहुंचेंगे। उसके बाद भादरा पुलिस थाने का घेराव किया जाएगा। उन्होंने मौजूदा थाना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा है।
थानाधिकारी बोले- सिर्फ दबाब की राजनीति
पूरे मामले को लेकर थाना अधिकारी हनुमाना राम बिश्नोई ने कहा कि हाजी रफीक कुरैशी अपने बहनोई इस्लाम के साथ किसी जमीन विवाद को लेकर शुक्रवार शाम आए थे, लेकिन उन्होंने किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया। यह आरोप निराधार है। वो चुनाव ड्यूटी में थे। सूचना पर थाने पहुंचे थे। उन्होंने कोई बदतमीजी नहीं की है। ये सिर्फ दबाब की राजनीति है।
